बीजेपी का विरोध करेंगे यूपी के किसान, जनवरी आते घेर लेंगे
BKU 9 जनवरी से प्रदेश और आगामी मार्च में केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का आगाज करने जा रही है।
सहारनपुर। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अपने उग्र आंदोलन के लिए प्रसिद्ध भारतीय किसान यूनियन एक बार फिर से उग्र आंदोलन के मूड में नजर आ रही है। यह वही भाकियू है, जो किसानों की समस्याओं के लिए देश और प्रदेश में रेल और सड़क मार्ग को पूरी तरह से बाधित कर देती है। इस बार आंदोलन का मुख्य मुद्दा रहेगा प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी करना। भाकियू 9 जनवरी से प्रदेश और आगामी मार्च में केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का आगाज करने जा रही है।

जनवरी से मार्च तक जाहिर करेंगे गुस्सा
रविवार को नागल कस्बे के रेलवे रोड पर पत्रकारों से वार्ता करते हुये भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने बताया प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा राज्य में विद्युत की दरों को बढ़ाया जाना आम आदमी के साथ धोखा है, जिसे लेकर भाकियू प्रदेश सरकार के विरुद्ध आगामी नौ जनवरी से ब्लाक स्तर पर धरना प्रदर्शन करेगी और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरुक करेगी।

BKU ने तय किया अपना विरोध कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि आगामी एक मार्च 2018 से भाकियू राष्ट्रीय स्तर पर किसानों की अनदेखी को लेकर केंद्र सरकार के विरूद्ध बड़े आंदोलन का आगाज करेगी। ये भी कहा कि पिछले काफी समय से क्षेत्र के लोगों द्वारा आवागमन के लिए मुजफ्फरनगर-सहारनपुर फोरलेन हाईवे निर्माण के दौरान अडंरपास की मांग की जा रही है, लेकिन निर्माण कंपनी इसकी अनदेखी कर रही है। जब तक कंपनी अडंरपास का निर्माण नहीं करायेगी तब तक भाकियू टोल टैक्स नहीं वसूलने देगी।

500 बीघा जमान का भी है मामला
भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. विनय कुमार ने कहा कि 12 साल पहले देवबंद की त्रवेणी शुगर मिल ने क्षेत्र के भाले भाले किसानों से करीब 500 बीघा जमीन औने पौने दाम पर खरीदी थी और कहा था कि उक्त भूमि पर फैक्ट्री लगाई जाएगी और किसान परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत सभी किसान परिवारों को उक्त भूमि पर कब्जा वापस दिलायेंगे।












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