UP में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से मिलेगी राहत, CM योगी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
उत्तर प्रदेश में पड़ रही प्रचंड गर्मी और बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम योगी ने रविवार को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में बिजली आपूर्ति की हाई-लेवल समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश के आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए हर स्तर पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं। आइए जानतें हैं बैठक में क्या अहम फैसले लिए गए...

चार साल में 86% बढ़ी सूबे की बिजली क्षमता
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। साल 2022 की तुलना में 2026 तक राज्य की क्षमता 86 प्रतिशत बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है। इसके साथ ही गैर-पारंपरिक (सौर और अन्य) स्रोतों से भी राज्य को करीब 10 हजार मेगावाट बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री ने इस क्षमता का सही उपयोग करने और ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
बिजली आपूर्ति के लिए 12 राज्यों से 'पावर बैंकिंग'
अप्रैल और मई के महीने में तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने के कारण राज्य में बिजली की मांग 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश बिजली की भारी मांग को सफलतापूर्वक पूरा करने में देश में दूसरे स्थान पर रहा। इस पीक डिमांड को मैनेज करने के लिए सीएम योगी ने 12 राज्यों के साथ 'पावर बैंकिंग' (बिजली के लेन-देन) के जरिए आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही, फॉल्ट पर तुरंत होगा ऐक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया और बैठक दोनों माध्यमों से अधिकारियों को चेतावनी दी है कि बिजली वितरण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- जवाबदेही: हर फीडर के हिसाब से अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
- त्वरित एक्शन: ट्रांसफॉर्मर खराब होने या फीडर बाधित होने पर फील्ड स्तर का 'क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम' तुरंत एक्टिव होना चाहिए।
- सही सूचना: यदि किसी कारणवश बिजली कटौती होती है, तो उपभोक्ताओं को इसकी समयबद्ध और सही जानकारी दी जाए।
- खुदाई पर रोक: भूमिगत केबल (Underground Cables) वाले इलाकों में बिना अनुमति के किसी भी तरह की खुदाई पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
1 से 10 तारीख के बीच आएगा बिल
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह उपभोक्ता हितैषी बना दिया है। प्रदेश में अब तक स्थापित हो चुके 89.23 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को राज्य सरकार के निर्देश पर फिर से पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है।
- बिलिंग साइकिल: जून 2026 से सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर जारी होंगे।
- डिजिटल बिल: उपभोक्ताओं को उनके बिल की प्रति एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के जरिए भेजी जाएगी।
- शिकायत निवारण: स्मार्ट मीटर से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रदेशभर में 15 मई से 30 जून तक विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।














Click it and Unblock the Notifications