सीएम योगी ने पेश किया सरकार के पांच साल का रिपोर्ट कार्ड, कैंपेन सॉन्ग 'यूपी में योगी है उपयोगी' भी किया लॉन्च
सीएम योगी ने पेश किया सरकार के पांच साल का रिपोर्ट कार्ड, कैंपेन सॉन्ग 'यूपी में योगी है उपयोगी' भी किया लॉन्च
लखनऊ, 03 फरवरी: गोरखपुर से अपना नामांकन दाखिल करने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बीजेपी ऑफिस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सालों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। रिपोर्ट कार्ड पेश करने से पहले ही यूपी चुनाव को लेकर योगी पर बनाए गीत यूपी में योगी है उपयोगी' लॉन्च किया। इस सॉन्ग को डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने लॉन्च किया।

इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 5 साल पहले बीजेपी ने जनता के सामने जो संकल्प लिए थे, उसकी रिपोर्ट देना मेरा परम दायित्व है। योगी ने कहा कि 5 साल के कार्यकाल के दौरान 3 साल सरकार को काम करने का मौका मिला और 2 साल महामारी की वजह से प्रभावित हुआ। इस दौरान उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान पीएम की अगुवाई में यूपी में शानदार काम हुआ। केंद्र सरकार ने समय समय पर जो भी गाइडलाइन जारी कि उसका अनुपालन किया गया।
इसी का परिणाम है की उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 वर्ष के ऊपर के हर व्यक्ति को पहली डोज मिल गई है। 70 फीसदी को डबल डोज मिल गई है। कहा कि सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने काम का निर्वहन महामारी में भी किया। किसान हो या मजदूर या छात्र हों सभी के लिए सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उत्तर प्रदेश के हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम पूरा कर लिया है। 3 फरवरी को एक्टिव केस की संख्या 41 हजार है। सर्वाधिक टेस्ट 10 करोड़ उत्तर प्रदेश में हुआ है।
सीएम ने कहा कि महामारी भी सरकार की स्पीड को कम नहीं कर पाई। 5 साल की यात्रा में सरकार ने मिल के पत्थर भी गढ़ा है। अर्थव्यवस्था को देश में नंबर 2 पर लाने में कामयाब हुए। यूपी का वार्षिक बजट 2 लाख करोड़ से 6 लाख करोड़ तक पहुंचने का काम किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि 1947 से 2017 तक यूपी की अर्थव्यवस्था छठें-सातवें स्थान पर थी। आज यूपी की अर्थव्यवस्था देश में दूसरे नंबर पर है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नंबर दो स्थान पर है, हमने व्यापर रोजगार सृजन और नौकरियां देने की कार्रवाई आगे बढ़ाई है।
जिस उत्तर प्रदेश में पुलिस रिफार्म एक सपना था, क्योंकि कोई सोचता ही नहीं था। सत्ता में आने के बाद पुलिस राजनीतिक एजेंडा का हिस्सा हो जाता था। हमने डेढ़ लाख पुलिस की निष्पक्ष तरीके से भर्ती का काम पूरा किया।












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