UP election 2022: पश्चिमी यूपी-पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक को साधने की इस महीने भाजपा की क्या है तैयारी ? जानिए
लखनऊ, 9 नवंबर: 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से कमर कस चुकी है। आने वाले दिनों में वह तमाम विकास योजनाओं से कई सारे चुनावी समीकरण साधने की तैयारी में है। अलबत्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो इसकी शुरुआत भी कर चुके हैं और आने वाले कुछ हफ्तों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से लेकर पार्टी के तमाम बड़े नेता और सरकार के मंत्री इसे अमलीजामा पहनाने वाले हैं। बीजेपी के इस मेगा चुनावी प्लान की शुरुआत एक तरह से बुधवार से ही हो रही है और धीरे-धीरे इसकी सरगर्मियां बढ़ती हुई दिखाई देगी। पार्टी ने इसके लिए पूरी यूपी का लेखा-जोखा तैयार किया है।

पश्चिमी यूपी में बीजेपी का मेगा प्लान
यूपी के भाजपा सूत्रों की मानें तो अगले कुछ ही दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पश्चिमी यूपी के मथुरा, मेरठ और सहारनपुर का दौरा करने वाले हैं। सोमवार को उन्होंने शामली के कैराना और रामपुर पहुंचकर 2022 के चुनाव के लिए मिशन यूपी का आगाज कर दिया है। 10 नवंबर को सीएम मथुरा में 'ब्रज राज उत्सव' का उद्घाटन करने वाले हैं। 11 नवंबर को वह मेरठ में होंगे जहां वह पूरे प्रदेश के पैरालम्पिक खिलाड़ियों का अभिनंदन करेंगे। उनके सहारनपुर पहुंचने की भी योजना है, जहां वह देवबंद में एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) सेंटर की आधारशिला रखने वाले हैं, जिसकी घोषणा इसी साल अगस्त में की गई थी। भाजपा सरकार के इस प्रोजेक्ट की विपक्षी दलों की ओर से खूब आलोचना हुई है, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह ध्रुवीकरण की नीति के तहत किया जा रहा है। दरअसल, देवबंद दुनियाभर में इस्लामिक सेंटर के चलते सुर्खियों में रहता है।

विकास से किसान आंदोलन की काट ढूंढ़ रही है भाजपा
दरअसल, किसान आंदोलन की वजह से भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जरा भी नजरअंदाज नहीं करना चाहती। प्रदेश भाजपा के संगठन सचिव और सहारनपुर के प्रभारी चंद्र मोहन ने कहा है कि पश्चिमी यूपी का विकास यूपी सीएम के एजेंडे में प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा है, 'इस इलाके में उनकी यात्रा से राज्य सरकार की ओर से यहां चल रही विकास योजनाओं को गति मिलेगी।' इसी महीने 25 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ग्रेटर नोएडा के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की भी औपचारिक तौर पर लॉन्चिंग (भूमि पूजन समारोह) होने की संभावना है। इसके अलावा पीएम मोदी नोएडा फिल्म सिटी की भी आधारशिला रख सकते हैं। यही नहीं अगले महीने पीएम मोदी की ओर से मेरठ से प्रयागराज के बीच 594 किलोमीटर लंबी गंगा एक्सप्रेसवे की भी आधारशिला रखे जाने की तैयारी है।

पूर्वांचल पर भाजपा की पैनी नजर
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने जिस तरह से इस बार यूपी चुनाव के लिए हाथ मिला लिया है, उसके बाद पूर्वांचल भी बीजेपी की चुनौती बढ़ गई है। लेकिन, पार्टी ने इस इलाके को भी विकास के एजेंसे से साधने का मास्टर प्लान तैयार कर रखा है। यूपी सरकार के मुताबिक आने वाले 16 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ से गाजीपुर तक के 341 किलोमीटर लंबी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित करने वाले हैं। यह ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसको लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी सियासी तौर पर परेशान नजर आए हैं। 42,000 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट से पूर्वांचल में सामाजिक-आर्थिक बदलाव की संभावना देखी जा रही है। इसकी आधारशिला भी खुद पीएम मोदी ने जुलाई, 2018 में आजमगढ़ में रखी थी, जो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र है।

मिशन पूर्वांचल की तैयारी भी मजबूत है
लाल कृष्ण आडवाणी की एक सियासी 'चूक' जिससे शायद वे कभी उबर नहीं पाएइसके अलावा प्रधानमंत्री के हाथों ही काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर, गोरखपुर में फर्टिलाइजर फैक्ट्री और एम्स की भी शुरुआत होने वाली है। वाराणसी पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है तो गोरखपुर सीएम योगी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का उद्घाटन अगले महीने होने की उम्मीद है, जिसकी शुरुआत लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मार्च, 2019 में की गई थी और यह लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो रहा है। पीएम मोदी से पहले इसी महीने 12 तारीख को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के वाराणसी पहुंचने का कार्यक्रम है। यहां वे उसी पंडित दीन दयाल उपाध्याय व्यापार सुविधा केंद्र सभागार में बीजेपी के चुनाव प्रबंधकों के साथ 2022 के प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति पर चर्चा करने वाले हैं, जहां 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले वह पार्टी अध्यक्ष के तौर पर भाजपा कार्यक्रताओं को प्रोत्साहित करने आए थे। यहां उनके साथ उनके कैबिनेट सहयोगी और पार्टी के प्रदेश प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे। इस मौके पर सीएम योगी के भी मौजूद रहने के संभावना है और भाजपा नेताओं के मुताबिक अगले दिन शाह और योगी आजमगढ़ निकल जाएंगे, जहां केंद्रीय गृहमंत्री एक यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखने वाले हैं।

बुंदेलखंड के किले को मजबूत करने की रणनीति
इसी महीने प्रधानमंत्री मोदी के बुंदेलखंड में झांसी दौरे का भी कार्यक्रम है। यहां वे रानी लक्ष्मी बाई की 193वीं जयंती समारोह में शिरकत करने वाले हैं। झांसी फोर्ट परिसर में उनकी रैली के लिए भी तैयारियां चल रही हैं। यहां पर उनके हाथों कई विकास योजनाओं के भी शुरू किए जाने का कार्यक्रम है, जिसमें नल से जल योजना भी शामिल है। इसके अलावा वे डिफेंस कॉरिडोर के तहत इंवेस्टमेंट प्रोजेक्ट की भी आधारशिला रखेंगे। भारत डिनामिक्स लिमिटेड की ओर से लगने वाली फैक्ट्री के भूमि पूजन समारोह में भी उनकी मौजूदगी रहेगी।












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