त्योहारों की तैयारियों को लेकर CM योगी ने अधिकारियों को दिए ये खास निर्देश, राजस्व वादों पर कही ये बात
नामांतरण, वरासत, पारिवारिक बंटवारे, पैमाइश जैसे आमजन से जुड़े मुद्दों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। सीएम ने कहा कि राजस्व वादों में 'तारीख पर तारीख' की प्रवृत्ति कतई स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले लेखपाल, राजस्व निरीक्षक आदि राजस्व कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। साथ ही, कमिश्नर और जिलाधिकारी की भी जवाबदेही तय होगी। दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी त्योहारों की तैयारी, मिशन शक्ति तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक कर रहे थे।

इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी दिनों में शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा, विजयादशमी, दशहरा, दीपावली, छठ आदि पर्व त्योहारों को हर्ष, उल्लास और सौहार्द के साथ मनाए जाने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जाए। कहा कि बीट सिपाही से लेकर हल्का इंचार्ज और पुलिस कप्तान सहित हर अधिकारी सड़क पर उतरे।
त्योहार के दिनों में कुछ अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस को अलर्ट रहना होगा। आम आदमी को उसकी सुनिश्चित सुरक्षा के लिए पूरा भरोसा दिलाना होगा। सीएम ने कहा कि विगत वर्षों में नियोजित प्रयासों से धर्मस्थलों पर अनावश्यक लगे लाउडस्पीकर उतारे गए थे, किन्तु कतिपय क्षेत्रों से इनके पुनः लगने की सूचना मिल रही है।
इसी तरह, त्योहार में अश्लील गीतों और तेज आवाज में डीजे संगीत से भी आम आदमी को समस्या होती है। ऐसी किसी भी गतिविधि को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस दौरान सीएम योगी ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो सम्बन्धित पुलिस कप्तान की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में सीएम ने बलरामपुर, सहारनपुर, सीतापुर और मीरजापुर जैसे शक्तिपीठ वाले जनपदों में नवरात्र मेले की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कहा कि त्योहारों पर हर गांव-नगर को पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए। लोकल फाल्ट/रोस्टरिंग के नाम पर अनावश्यक कटौती न हो। उन्होंने दुर्गा पूजा के पण्डालों में फायर सेफ्टी के दृष्टिगत पटाखों की दुकानों को आबादी से दूर लगाए जाने और इन दुकानों के लाइसेंस निर्गत करने में देर न करने के निर्देश दिए।
सिफारिश पर न दें तैनाती
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड में तैनाती जनसेवा का सबसे अच्छा अवसर होता है। यहां हर एक तैनाती मेरिट के आधार पर ही होनी चाहिए। यदि कहीं भी सिफारिश अथवा किसी के दबाव में किसी की फील्ड पोस्टिंग की गई है, तो ऐसा करना संबंधित अधिकारी के लिए अपने करियर से खिलवाड़ करने जैसा है। ऐसे हर प्रकरण को गंभीरता से लिया जाएगा।
आइजीआरएस में प्रदर्शन की रिपोर्ट जारी करते हुए सीएम ने कहा कि अधिकारी जनता के लिए तैनात हैं, जनता से मिलना और उनकी समस्याओं का निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। फील्ड में तैनात जो अधिकारी-कर्मचारी ऐसा कर पाने में सक्षम न हो उसे तत्काल फील्ड की तैनाती छोड़ देनी चाहिए।












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