UP: MLC की नॉमिनेटेड सीटों पर सामने आ सकते हैं चौंकाने वाले नाम, जानिए क्या चल रहीं अटकलें
यूपी में नॉमिनेटेड सीटों को लेकर सरकार मंथन करने में जुटी है। बीजेपी के सूत्रों की माने तो लिस्ट जारी होगी तो कई चौंकाने वाले नाम हो सकते हैं। जल्द ही बीजेपी इसकी सूची जारी कर सकती है।

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां एमएलसी की पांच सीटों पर चुनाव की रणभेरी बज चुकी है वहीं दूसरी ओर यूपी में 6 नॉमिनेटेड सीटों को लेकर भी बीजेपी के अंदरखाने हलचल मची हुई है। इन सीटों पर योगी सरकार कुछ चौकाने वाले फैसले ले सकती है। योगी सरकार जल्द ही यूपी विधान परिषद के लिए मनोनीत होने वाले एमएलसी की सूची राजभवन को भेज सकती है। बीजेपी के सूत्रों ने कहा कि एमएलसी के नामों की सूची में कई चौंकाने वाले नाम भी सामने आ सकते हैं।
जल्द ही फैसला लेगी योगी सरकार
सूत्रों ने कहा कि भाजपा एकेडमिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोगों को यूपी विधानसभा के ऊपरी सदन में भेजकर पुरस्कृत करने की योजना बना रही है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'पार्टी नेतृत्व जल्द ही अंतिम फैसला लेगा।' सूची में जिन पार्टी संगठनात्मक पदाधिकारियों को शामिल किया जा सकता है, उनमें भाजपा के कुछ क्षेत्रीय अध्यक्ष शामिल हैं। काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव और कानपुर-बुंदेलखंड के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
कई नामों पर लग रही अटकलें
सूत्रों ने कहा कि ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी के नाम पर भी चर्चा चल रही है लेकिन वो विवाद में रहे हैं। इसके अलावा जिन नामों पर चर्चा चल रही है उनमें प्रख्यात कवि कुमार विश्वास, रिटायर्ड नौकरशाह अवनीश अवस्थी की पत्नी मालिनी अवस्थी का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश पाल, ब्रज बहादुर, संतोष सिंह पर पार्टी दांव लगा सकती है।
मोदी के एक करीबी नौकरशाह के बेटे के नाम की भी चर्चा
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भाजपा सूत्रों ने कहा कि नौकरशाह का बेटा एक अर्थशास्त्री से आईपीएस अधिकारी से सामाजिक कार्यकर्ता बना है, जिसने 2019 के लोकसभा चुनाव में श्रावस्ती सीट से टिकट भी मांगा था। लेकिन पार्टी ने इसके बजाय पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा को मैदान में उतारा था, जो सपा समर्थित बसपा उम्मीदवार राम शिरोमणि वर्मा से हार गए थे। सूत्रों ने कहा कि उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्वी यूपी की एक सीट से टिकट भी मांगा था।
सामने आ सकते हैं कुछ चौंकाने वाले नाम
चर्चा में आया दूसरा नाम एक संगठन से जुड़े एक एकेडमिक व्यक्ति का है जिसे बीजेपी थिंक टैंक माना जाता है। यह उम्मीदवार 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी में पीएम मोदी के चुनाव प्रबंधकों में से एक थे। वह त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा के अभियान का भी हिस्सा थे।
केंद्रीय आलाकमान को भेजी गई है नामों की सूची
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि संभावित उम्मीदवारों की सूची जिन्हें विधान परिषद में नामांकित किया जा सकता है, को अनुमोदन के लिए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है। नामांकन श्रेणी में छह एमएलसी सीटें पिछले साल अप्रैल-मई से खाली पड़ी हैं। उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा सीएम की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट से मंजूरी के बाद नामित किया जाएगा।












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