UP: कामन सिविल कोड के खिलाफ माहौल बना रहा है AIMPLB, जानिए किसने लगाया ये आरोप
यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बासित अली ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड पर कई आरोप लगाए हैं।
UCC in UP: देश में अगले साल लोकसभा के चुनाव होने हैं। इस चुनाव से पहले ही ऐसी अटकलें लगाईं जा रही हैं कि केंद्र सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर सकती है। इसको लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच यूपी में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) के अल्पसंख्यक ईकाई ने इसको लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पर कई सवाल खड़े किए हैं।
पर्सनल ला बोर्ड के रवैये से नाराज अल्पसंख्यक मोर्चा
यूपी बीजेपी के अल्पसंख्यक विंग के प्रमुख बासित अली का कहना है कि एआईएमपीएलबी यूनिफार्म सिविल कोड के खिलाफ "माहौल बना रहा है" जबकि विधि आयोग ने अभी इसको लेकर सबसे सुझाव मांगा है।

समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में विपक्षी दलों का समर्थन मांगने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) पर बासित ने निशाना साधा।
यूसीसी के खिलाफ माहौल बना रहा पर्सनल ला बोर्ड
भाजपा अल्पसंख्यक विंग के प्रमुख ने कहा कि एआईएमपीएलबी के पदाधिकारियों की विपक्षी दलों के साथ बैठक उनकी मंशा पर सवाल उठाती है और वे मामले को समझे बिना इसका विरोध कर रहे हैं। यूपी बीजेपी के अल्पसंख्यक विंग के प्रमुख बासित अली ने कहा कि एआईएमपीएलबी यूसीसी के खिलाफ माहौल बना रहा है जबकि विधि आयोग ने तो अभी इस पर सुझाव मांगा है।
भाजपा अल्पसंख्यक विंग के प्रमुख ने कहा कि,
एआईएमपीएलबी विपक्षी दलों, अन्य धार्मिक समुदायों और मुसलमानों को यूसीसी के खिलाफ एकजुट करने के लिए उनसे संपर्क कर रहा है। विपक्षी दलों के साथ एआईएमपीएलबी पदाधिकारियों की बैठक उनकी मंशा पर सवाल उठाती है। वे मामले को समझे बिना इसका विरोध कर रहे थे।
अभी पार्टी ने कुछ तय नहीं किया- सपा
हालांकि यूपी की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी से एआईएमपीएलबी ने समर्थन के लिए संपर्क किया है। हालांकि सपा का कहना है कि पार्टी ने अभी तक इस विषय पर फैसला नहीं किया है। पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक विंग के प्रमुख शकील नदवी ने कहा कि हमने अभी तक कुछ भी तय नहीं किया है।
राजनीतिक लाभ चाहती है बीजेपी
कांग्रेस के प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा है कि कि चुनाव से पहले, यह सब भाजपा द्वारा अपने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बनाने का एक और प्रयास प्रतीत हो रहा है। जब तक कि वह यह स्पष्ट नहीं कर लेती कि वह यूसीसी को कैसे लागू करेगी और उसकी बारीकियां क्या हैं तब तक उसकी मंशा पर सवाल खड़े होंगे।












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