UP BJP: जल्द हो सकता है नई टीम का ऐलान, 2024 के हिसाब से दिखेगा जातीय संतुलन
यूपी बीजेपी चीफ भूपेंद्र चौधरी जल्द ही अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। इस टीम ें 2024 चुनाव को लेकर जातीय संतुलन की झलक दिखेगी। नामों को अंतिम रूप दे दिया गया है जल्द ही यह सबके सामने आ सकती है।

Reshuffling in UP BJP team Soon: उत्तर प्रदेश में बीजेपी में जल्द ही नई टीम का ऐलान होने वाला है। ऐसा माना जा रहा है कि यूपी बीजेपी चीफ भूपेंद्र चौधरी जल्द ही अपनी टीम का ऐलान कर सकते हैं जिसमें कम से कम 35% नए पदाधिकारियों में फेरबदल हो सकता है। बीजेपी के सूत्रों की माने तो नई टीम में जातिगत आंकड़ों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। खासतौर से 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राज्य, क्षेत्रीय, जिला और मोर्चा (पार्टी का एक संबद्ध संगठन) स्तरों पर होने की संभावना है।

जल्द ही संगठन में होगा फेरबदल
बीजेपी के एक नेता बताते हैं कि भाजपा एक कैडर आधारित संगठन है। संगठन में फेरबदल एक स्वाभाविक घटना है। पहले नगरीय निकाय चुनावों के बाद टीम की घोषणा करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन चूंकि ये चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं, इसलिए 2024 के चुनावों की बड़ी तस्वीर को ध्यान में रखते हुए आप जल्द ही बदलाव दिखेंगे। फेरबदल की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सूत्रों ने बताया कि संगठन की सूची को केंद्रीय आला कमान की मंजूरी मिल चुकी है। अब ये प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी पर निर्भर है कि वह कब तक अपनी टीम में फेरबदल का ऐलान करते हैं।

नए क्षेत्रिय अध्यक्षों की हो सकती है नियुक्ति
पार्टी अवध, काशी, कानपुर-बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के लिए नए क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है। वह नए चेहरों को सात में से तीन मोर्चों का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी भी सौंप सकती है। लखनऊ के सत्ता गलियारों में यह भी चर्चा है कि आने वाले हफ्तों में पार्टी के कई जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं। पूरी कवायद में, अति पिछड़ी जातियों के सामाजिक समूहों और गैर-प्रमुख जाति समूहों को नई टीम में नियुक्तियों का बड़ा हिस्सा मिलने की संभावना है।

कई पदाधिकारियों के मंत्री बनने से जगह खाली
राज्य इकाई के उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा, जेपीएस राठौर, दानिश आजाद अंसारी, दयाशंकर सिंह के यूपी में मंत्री बन गए हैं जबकि लक्ष्मण आचार्य सिक्किम के राज्यपाल बन गए हैं। पार्टी की कोर ग्रुप की टीम में उपाध्यक्ष के तीन पद खाली हैं। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, विधायक श्रीकांत शर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश राणा, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी, और किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह जैसे प्रमुख नामों में संभावित महासचिव या उपाध्यक्ष के रूप में यूी बीजेपी टीम में नियुक्ति हो सकती है।

2024 पर रहेगा संगठन का फोकस
पिछले दो महीनों से पार्टी का पूरा फोकस यूपी पर है। 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अपनी संख्या में सुधार करने के लिए हारी हुई 14 लोकसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 2019 में समाजवादी पार्टी (सपा)-बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक साथ आने से दलित-मुस्लिम-यादव समीकरण की वजह से भाजपा को इन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी इसे दोहराना नहीं चाहेगी।

बीजेपी के पास यूपी में 64 लोकसभा सीटें
नई नियुक्तियों के माध्यम से इन सीटों पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, पार्टी ने पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को तैनात किया है। 2019 के आम चुनावों में, भाजपा ने अपने दम पर यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 62 पर जीत हासिल की। जबकि उसके छोटे सहयोगी अपना दल ने दो सीटें जीतीं। पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद हुए उपचुनावों में दो और लोकसभा सीटों आजमगढ़ और रामपुर पर कब्जा जमा लिया था।












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