Ghoshi By Election: पूर्वांचल में अखिलेश की किलेबंदी में जुटी BJP, दारा चौहान ही होंगे उम्मीदवार?
भारतीय जनता पार्टी ने मऊ जिले की घोषी सीट पर होने वाले उपचुनाव की तैयारी में जुट गई है। बताया जा रहा है कि दारा सिंह चौहान को ही बीजेपी उम्मीदवार बना सकती है।
Ghoshi Vidhansabha By Election: उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने अखिलेश को घेरने की कवायद शुरू कर दी है। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले घोषी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में अखिलेश की टेंशन बढ़ गई है। बीजेपी ने पूर्वांचल में जिस तरह से अखिलेश यादव की किलेबंदी की है उसमें सेंध लगाना अब अखिलेश के लिए इतना आसान नहीं होगा। हालांकि बीजेपी के सूत्रों की माने तो प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में इस सीट से दारा सिंह चौहान का नाम तय कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है।

अबकी बार अखिलेश के लिए उल्टा पड़ सकता है दांव
डेढ़ साल पहले यूपी में हुए विधानसभा चुनाव में अखिलेश ने ओम प्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान के साथ मिलकर बीजेपी के लिए जो बिसात बिछायी थी वह अब उल्टी पड़ती दिखायी दे रही है। बीजेपी ने अखिलेश के इन दोनों सहयोगियों को तोड़कर उनको पूर्वांचल में कमजोर करने का काम किया है। पूर्वांची के लगभग एक दर्जन जिलों में इन दोनों नेताओं का खासा प्रभाव है जो अखिलेश पर भारी पड़ने वाला है।
पांच सितम्बर को होगा घोषी में मतदान
लोकसभा चुनाव से पहले मऊ की घोषी विधानसभा सीट पर पांच सितम्बर को मतदान होगा। यह सीट सपा के प्रत्याशी के तौर पर दारा सिंह चौहान ने जीती थी। लेकिन अब वह इस सीट से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। अब इस सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में पूरी तरह से उन्हें बीजेपी के लिए काम करना होगा। पूर्वांचल के पिछड़े नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले दारा अब अखिलेश के लिए मुश्किलें पैदा करेंगे।
घोषी में किस पर दांव लगाएंगे अखिलेश
बीजेपी के सियासी चालों में फंसते दिख रहे अखिलेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती घोषी विधानसभा सीट का रण जीतने की चुनौती होगी और वो भी ऐसे समय में जब इस इलाके के दो दिग्गज नेता उनका साथ छोड़ चुके हैं। हालांकि अखिलेश घोषी के लिए दमदार उम्मीदवार की तलाश में जुटे हुए हैं।
शिवपाल यादव को जीत का भरोसा
हालांकि दारा और ओम प्रकाश राजभर के साथ छोड़ने के बावजूद सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव काफी विश्वास से भरे दिखायी देते हैं। वह कहते हैं,
इनकी सच्चाई जनता जान चुकी है। इनके जाने से पूर्वांचल में सपा के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पहले भी सपा इस इलाके में मजबूत थी और आगे भी मजबूत रहेगी। जो राजभर पहले बीजेपी का बैंड बजाने की बात करते थे वो खुद ही बीजेपी के बैंड बनकर रह गए हैं। जनता इनकी असलियत को पहचान गई है।
दारा सिंह को ही प्रत्याशी बनाने की तैयारी में बीजेपी
बीजेपी के सूत्रों की माने तो समाजवादी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में आए दारा सिंह को प्रत्याशी बनाने पर यूपी बीजेपी की कोर कमेटी ने अपनी मुहर लगा दी है। कोर कमेटी की बैठक गुरुवार को सीएम आवास पर हुई थी। इस बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव मौर्य भी शामिल थे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में तय हुआ कि दारा सिंह चौहान का नाम ही केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि जल्द ही उनके नाम का ऐलान किया जा सकता है।
विधानसभा चुनाव में राजभर ने किया था बीजेपी का नुकसान
विधानसभा में राजभर ने बीजेपी का किया नुकसान जहां तक बात आरएलडी और ओम प्रकाश राजभर के साथ हुए गठबंधन की है तो इन दोनों सहयोगियों के साथ मिलकर अखिलेश ने विधानसभा चुनाव में पश्चिम से पूरब तक बीजेपी को नुकसान पहुंचाया था। इनमें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चीफ राजभर पहले ही अखिलेश से अपना नाता तोड़ चुके हैं और अब वह अखिलेश से दो दो हाथ करने का दावा कर रहे हैं।
पूर्वांचल में बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित होंगे राजभर-दारा
पूरब की राजनीति पर नजर डालें तो ओम प्रकाश राजभर बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। राजभर ने विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इसका खासा असर पूर्वांचल में देखने को मिला था और कई जिलों में बीजेपी का सफाया हो गया था। लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी से उनकी नजदीकी पूर्वांचल के सियासी समीकरण में बड़े उलटफेर के तौर पर देखा जा रहा है।












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