UP ATS action: कॉस्मेटिक की आड़ में पाक के लिए जासूसी कर रहा था शहजाद, यूपी एटीएस ने पकड़ा, कोर्ट ने जेल भेजा
UP ATS action: उत्तर प्रदेश एटीएस की कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। मुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए शहजाद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। लखनऊ की कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
शहजाद की गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि भारत में सक्रिय विदेशी जासूसी नेटवर्क की परतों को खोलने वाली कार्रवाई मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बड़ी सफलता के तौर पर देख रही हैं, जिससे भविष्य की साजिशों पर लगाम लगाई जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक, शहजाद लंबे समय से पाकिस्तान के संपर्क में था और तस्करी के जरिए भारत से जुड़ी अहम जानकारी दुश्मन देश तक पहुंचा रहा था। वह विभिन्न सामानों की अवैध आवाजाही की आड़ में देश की सुरक्षा व्यवस्था को चोट पहुंचा रहा था।
एटीएस को मिली थी गुप्त सूचना
उत्तर प्रदेश एटीएस को विश्वसनीय सूत्रों से यह इनपुट मिला था कि एक शख्स भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास अवैध तस्करी में लिप्त है। ये तस्करी कॉस्मेटिक्स, मसाले और कपड़ों जैसी चीजों की थी, लेकिन इसका असली मकसद कुछ और ही था।
जांच में सामने आया कि यह व्यक्ति पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारों पर काम कर रहा है। इसके बाद एटीएस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित कर उसकी गतिविधियों पर नज़र रखना शुरू कर दिया।
तकनीकी सर्विलांस से मिली पुष्टि
जांच टीम ने शहजाद पर फिजिकल और टेक्निकल सर्विलांस शुरू किया। इस दौरान उसके कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों से उसे ट्रैक किया गया। एटीएस को उसके पाकिस्तान से बार-बार संपर्क के प्रमाण मिले।
जांच में यह भी साफ हुआ कि शहजाद पाकिस्तान की कई यात्राएं कर चुका है। वह आईएसआई एजेंटों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर निर्देश लेता था और भारत में उनके लिए नेटवर्क तैयार करता था।
एटीएस को जांच में यह भी पता चला कि शहजाद ने भारत की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां आईएसआई को दी थीं। इनमें सीमावर्ती इलाकों की जानकारी भी शामिल है।
शहजाद ने आईएसआई के कहने पर भारत में मौजूद उनके एजेंटों को वित्तीय मदद भी मुहैया कराई थी। साथ ही वह उन्हें भारतीय सिम कार्ड भी उपलब्ध कराता था ताकि वे भारत में रहकर जासूसी कर सकें।
तस्करी के जरिए लोगों को पाकिस्तान भेजने की साजिश
जांच के अनुसार, शहजाद केवल जानकारियां ही नहीं भेजता था बल्कि लोगों को अवैध तरीके से पाकिस्तान भेजने की योजना का भी हिस्सा था। वह रामपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस काम को अंजाम देता था।
ऐसे लोगों के वीज़ा और यात्रा दस्तावेज आईएसआई एजेंट तैयार करते थे। इसका मकसद पाकिस्तान में प्रशिक्षित कर उन्हें भारत में वापस भेजना था, ताकि वे जासूसी या अन्य देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकें।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 148 और 152 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक पूरे जासूसी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश है।
एटीएस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुट गई है। देशभर में लगातार ऐसे एजेंटों की गिरफ्तारियां हो रही हैं, जिससे साफ है कि आईएसआई की साजिशें गहरी हैं और इन पर लगातार नजर रखना जरूरी है।












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