यूपी विधानसभा चुनाव 2017: दूसरे दौर में 67 सीटों पर चुनाव प्रचार थमा

दूसरे फेज में जिन 67 सीटों पर 15 फरवरी को चुनाव है साल 2012 के आंकड़ों के मुताबिक इनमें 34 सीटें समाजवादी पार्टी के पास गई थी। वहीं दूसरे नंबर बहुजन समाज पार्टी रही।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार कार्य थम गया है। दूसरे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 67 सीटों पर 15 फरवरी को मतदान होना है। यूपी के जिन 11 जिलों में मतदान होना है, उनके नाम हैं... सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, अमरोहा, संभल, खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं।

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15 फरवरी को यूपी में दूसरे चरण का मतदान

दूसरे फेज में जिन 67 सीटों पर 15 फरवरी को चुनाव है साल 2012 के आंकड़ों के मुताबिक इनमें 34 सीटें समाजवादी पार्टी के पास गई थी। वहीं दूसरे नंबर बहुजन समाज पार्टी रही। बीएसपी को 18 सीटें आई थी, वहीं बीजेपी को 10, कांग्रेस को 3 और अन्य के खाते में 2 सीटें आई थी। हालांकि इस बार सियासी समीकरण बदले हुए हैं। इस बार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं। यूपी के दूसरे चरण के चुनाव में 67 सीटों के लिए कुल 720 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस बार जिन बड़े नेताओं की किस्मत का फैसला वोटरों को करना है उसमें सपा सरकार के कद्दावर मंत्री आजम खां का नाम है जो रामपुर सीट से चुनाव मैदान में हैं। आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम भी इस बार स्वार विधानसभा सीट से मैदान में हैं। अब्दुल्ला आजम पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी से पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद इस बार तिलहर सीट से मैदान में हैं। कांग्रेस के फायरब्रांड नेता इमरान मसूद सहारनपुर सीट से मैदान में हैं। दूसरे चरण में लगभग 2.28 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

दूसरे चरण के लिए सभी सियासी दलों ने जमकर प्रचार कार्य किए। बीजेपी हो या फिर बीएसपी या फिर सपा-कांग्रेस गठबंधन हो, सभी सियासी दल चुनाव प्रचार में जुटे रहे। सभी की नजर वोटरों को अपने पक्ष में रिझाने की रही। बीजेपी इस बार वोटरों को लुभाने को कोई मौका हाथ से जाने नहीं दिया है। प्रचार की कमान खुद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संभाल रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी में चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। बीजेपी को उनके प्रचार से काफी उम्मीदें हैं। दूसरी ओर सपा-कांग्रेस गठबंधन के बाद यूपी के सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी साझा रैलियों में वोट मांगते दिख रहे हैं। दोनों नेता रोड-शो के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों में अकेले भी प्रचार कार्य में जुटे हुए हैं। उनके निशाने पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर भी निशाना साधा। बीएसपी सुप्रीमो मायावती खुद ही अपनी पार्टी के लिए रैलियां और प्रचार कार्य कर रही हैं। उन्होंने मुस्लिम वोटरों को साधने के लिए 99 मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार रखा है। वहीं उनका सीधा निशाना यूपी की अखिलेश सरकार पर रहा। केंद्र की मोदी सरकार पर भी उन्होंने हमला बोल रखा है। उनका कहना है कि मोदी सरकार आरक्षण को खत्म करना चाहती है। इसी के जरिए वोटरों को लुभा रही हैं।

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