यूपी में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव, सपा-कांग्रेस में सीटों का फॉर्मूला आया सामने
लोकसभा चुनाव में जिस तरह से राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी ने कमाल किया, उसके बाद यूपी के लड़कों की इस जोड़ी के हौसले काफी बुलंद हैं। यही वजह है कि आगामी विधानसभा उपचुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस ने रणनीति अभी से तैयार करनी शुरू कर दी है।
रिपोर्ट की मानें तो कांग्रेस और सपा के बीच आगामी उपचुनाव चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई ङै। प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में 10 में से 7 सीटों पर सपा चुनाव लड़ सकती है जबकि कांग्रेस 3 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सपा और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगे। संसद सत्र के खत्म होने के बाद दोनों दलों के शीर्ष नेता आपस में मिलेंगे और सीटों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस महाराष्ट्र और हरियाणा में भी सपा के लिए कुछ सीटें छोड़ सकती है।
यूपी में जिन 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है उसमे से 5 सीटों पर पहले सपा, 3 पर भाजपा और 1-1 पर आरएलडी और निषाद पार्टी का कब्जा था। लेकिन अब ये सीटें खाली होने के बाद इनपर फिर से चुनाव होने जा रहा है।
प्रदेश की करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, फूलपुर, मंझवा, सीमामऊ सीट पर चुनाव होने हैं। इन सभी सीटों पर मुकाबला काफी अहम होने वाला है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद एक तरफ जहां यह चुनाव भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा है तो सपा-कांग्रेस के लिए सुनहरा अवसर।
अगर कांग्रेस और सपा इन उपचुनावों में साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो इससे भाजपा की टेंशन बढ़ सकती है। इन दोनों पार्टियों की साथ आने से भाजपा को बड़ी चुनौती मिल सकती है। कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन का उद्देश्य अपने वोट बैंक को मजबूत करना है और भाजपा के खिलाफ अपनी ताकत को बढ़ाना है। यह रणनीति हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में काफी सफल रही थी।












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