दौड़ नहीं पाते अब यूपी के युवा, सेना की भर्ती में फेल हुए 93 फीसदी अभ्यर्थी
लखनऊ। भारतीय सेना में सबसे ज्यादा जवान अगर किसी राज्य से आते हैं तो वो है उत्तर प्रदेश। इस राज्य ने देश को कई सूरमा दिए हैं जिन्होंने हमेशा अपने देश का नाम ऊंचा किया। लेकिन अब इस राज्य के नौजवानों का खून शायद ठंडा पड़ने लगा है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पिछले दिनों यूपी में हुए सेना भर्ती में नौजवानों के शरीर को जंग लगता देख सैन्य अधिकारी भी हतप्रभ रह गए। भर्ती में दौड़ने वाले नौजवानों का चंद कदम दौड़ना और फिर हांफते हुए रेस से बाहर हो जाना अधिकारियों के परेशानी की बड़ी वजह बना। देश सेवा का जज्बा लेकर इस बार 55 हजार अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने पहुंचे। इनमे से मात्र 4 हजार अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया। अगर प्रतिशत में बात करें तो मात्र 7.27 फीसदी अभ्यर्थी ही इस रेस में पास हो सके हैं। यह प्रक्रिया 15 दिनों तक चली जिसमे गोंडा के अभ्यर्थी सबसे आगे रहे।

सांस फूलने की वजह से होना पड़ा बाहर
सेना में भर्ती के लिए सबसे आवश्यक है आपकी शारीरिक क्षमता और इसी का टेस्ट सबसे पहले लिया जाता है। सेना के नियमानुसार 5.45 मिनट में 1.6 किमी. की दौड़ लगानी होती है। इस दौड़ प्रक्रिया में 14 जिलों से 55 हजार अभ्यर्थी भाग लेने पहुंचे थे। करीब 45 हजार युवाओं की सांसे तो दौड़ शुरू होने के कुछ देर बाद ही फूलने लग गई। इसी के साथ ये सभी अभ्यर्थी इस रेस से बाहर हो गए। आपको बता दें कि इस परीक्षा के लिए 14 जिलों से कुल 85 हजार आवेदन आए थे।
शारीरिक दक्षता में साबित हुए फिसड्डी
इस बार की भर्ती में शामिल होने पहुंचे अभ्यर्थियों में लंबाई और सीने की चौड़ाई बहुत ही कम देखने को मिली। 4 हजार चयनित अभ्यर्थियों में से 180 अभ्यर्थी तो सिर्फ इसलिए छाट दिए गए क्योंकि उनके सीने की चौड़ाई मानक के हिसाब से नहीं थी। सेना में प्रवेश के लिए सीने की चौड़ाई 77-82 सेमी. होनी चाहिए।
दो चरणों में होगी लिखित परीक्षा
सेना भर्ती डायरेक्टर कर्नल दीपक शर्मा ने बताया कि फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा भी देनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को जीडी, टेक्निकल,ट्रेडमैन के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जबकि क्लर्क और नर्सिंग स्टाफ की परीक्षा 27 जनवरी को आयोजित की जाएगी।












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