'ममता को हराना ही PA की मौत की वजह', सुवेंदु का आरोप,चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में 'कॉन्ट्रैक्ट किलर' का एंगल!
Chandranath Rath News: पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बारूद के ढेर पर बैठी है। मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के सबसे खास सिपाही और पूर्व एयरफोर्स जवान चंद्रनाथ रथ की हत्या ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक नई सियासी जंग छेड़ दी है।
07 मई को जब चंद्रनाथ का शव पोस्टमार्टम के बाद बाहर आया, तो सुवेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर इस कत्ल को अपनी चुनावी जीत से जोड़ दिया। सुवेंदु का साफ कहना है कि अगर वे ममता बनर्जी को भवानीपुर में नहीं हराते और चंद्रनाथ उनके पीए (PA) नहीं होते, तो आज वे जिंदा होते।

'उसका कसूर सिर्फ इतना था कि वो मेरा साथी था'
बारासात स्टेट जनरल अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी भावुक भी थे और गुस्से में भी। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि यह कोई मामूली वारदात नहीं, बल्कि एक "सुपारी किलिंग" (Contract Killing) है। सुवेंदु के मुताबिक, हमलावरों ने यह सुनिश्चित करने के लिए 5 गोलियां दागीं कि चंद्रनाथ के बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
सुवेंदु ने आरोप लगाया, "चंद्रनाथ की कोई राजनीतिक दुश्मनी नहीं थी। उसकी मौत की इकलौती वजह मेरा पीए होना और मेरा भवानीपुर से जीतना है। यह हत्या पूरी तरह से प्लानिंग के तहत की गई है।" उन्होंने इसे बंगाल के पिछले 15 सालों के 'महा-जंगलराज' का नतीजा बताया और कहा कि अब गुंडों के खिलाफ 'सफाई अभियान' शुरू करने का वक्त आ गया है।
डीजीपी से बातचीत और जांच की इनसाइड डिटेल्स
- सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि उनकी राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार से विस्तार में बात हुई है। पुलिस की जांच अब किस दिशा में बढ़ रही है, उसकी कुछ अहम जानकारियां भी सामने आई हैं:
- बाइक की बरामदगी: वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर लावारिस हालत में मिली है।
- रेकी का खुलासा: पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले 2-3 दिनों तक चंद्रनाथ की गतिविधियों की रेकी की गई थी। हमलावरों को पता था कि वे कब और किस रास्ते से गुजरेंगे।
- गिरफ्तारियां: पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और सुवेंदु को भरोसा है कि मुख्य हमलावर जल्द ही गिरफ्त में होंगे। उन्होंने कहा कि सीआईडी (CID), फॉरेंसिक टीम और एसआईटी (SIT) इस मामले में सही दिशा में काम कर रही हैं।

"ममता की हार का बदला"... सुवेंदु का टीएमसी पर तीखा वार
सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस की क्षमता पर तो भरोसा जताया, लेकिन तंज कसते हुए कहा कि पहले की सरकार में पुलिस को काम करने की 'आजादी नहीं दी जाती थी'। जब टीएमसी ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की, तो सुवेंदु ने उसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "अब टीएमसी की कोई प्रासंगिकता (Relevance) नहीं बची है। बंगाल पुलिस ही इस केस को सुलझाने में सक्षम है।"
बीजेपी नेता ने मांग की है कि इस हत्याकांड में शामिल हर चेहरे की पहचान हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा, यानी 'मृत्युदंड' मिले। हालांकि, चंद्रनाथ की मां, जो खुद एक बीजेपी कार्यकर्ता हैं, उन्होंने एक मां का दर्द समझते हुए फांसी की जगह 'उम्रकैद' की मांग की है।
कैसे हुआ हमला? (How Chandranath Rath Was Killed)
पुलिस के मुताबिक 6 मई की रात चंद्रनाथ रथ मध्यमग्राम इलाके से गुजर रहे थे। वह स्कॉर्पियो में बैठे थे और उनके साथ ड्राइवर भी मौजूद था। रास्ते में पहले एक कार ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की। इसके बाद बाइक सवार हमलावर करीब आए और बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी।
जांच एजेंसियों के अनुसार हमलावरों ने प्रोफेशनल तरीके से हमला किया। गोलियां सीधे चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर चलाई गईं। ड्राइवर भी गोली लगने से घायल हुआ। घटनास्थल से कारतूस, जिंदा गोलियां और संदिग्ध वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई थी।
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि हत्या अचानक नहीं हुई बल्कि कई दिनों की प्लानिंग के बाद अंजाम दी गई। उन्होंने कहा कि डीजीपी ने उन्हें बताया है कि हमलावरों ने 2 से 3 दिन तक रेकी की थी। यानी चंद्रनाथ की मूवमेंट, रास्ते और टाइमिंग पर नजर रखी जा रही थी।
इसी वजह से बीजेपी इस हत्या को "कोल्ड ब्लडेड और प्री-प्लांड मर्डर" बता रही है। सुवेंदु ने कहा कि यह हमला किसी आम अपराधी का काम नहीं लगता, बल्कि इसमें कॉन्ट्रैक्ट किलर्स शामिल हो सकते हैं।

चंद्रनाथ रथ अपने पीछे छोड़ गए मां, पत्नी और बेटी
चंद्रनाथ रथ का बलिदान बीजेपी के लिए एक बड़ा निजी नुकसान है। सुवेंदु ने बताया कि दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने खुद परिवार और पुलिस से बात की है। बंगाल के कोने-कोने से बीजेपी विधायक और नेता चंद्रनाथ को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
सुवेंदु ने वादा किया कि वे और पूर्व मेदिनीपुर की पूरी बीजेपी यूनिट चंद्रनाथ की पत्नी और बेटी के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी। शाम करीब 3 बजे जब चंद्रनाथ का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव चांदीपुर (पूर्व मेदिनीपुर) के लिए रवाना हुआ, तो माहौल पूरी तरह गमगीन था।
कौन थे चंद्रनाथ रथ? (Chandranath Rath Life Story)
- चंद्रनाथ रथ की पहचान सिर्फ एक राजनीतिक सहयोगी के तौर पर नहीं थी। वह पहले इंडियन एयरफोर्स में रह चुके थे और करीब 20 साल तक देश की सेवा कर चुके थे।
- रामकृष्ण मिशन से पढ़ाई करने वाले चंद्रनाथ आध्यात्मिक सोच से काफी प्रभावित बताए जाते हैं। एक समय वह संन्यास लेने तक का मन बना चुके थे।
- बाद में एयरफोर्स से VRS लेकर उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया और फिर धीरे-धीरे राजनीतिक संगठन में सक्रिय हो गए।
- 2019 के बाद वह सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए। बीजेपी नेताओं के बीच उन्हें "Mr Dependable" कहा जाता था।
आखिर क्यों ये हत्या इतनी गंभीर है?
यह मामला सिर्फ एक मर्डर का नहीं है, बल्कि यह संदेश देने की कोशिश है कि सत्ता के करीब रहने वालों पर कभी भी हमला हो सकता है। एक अनुशासित पूर्व फौजी, जिसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था, उसकी हत्या अगर राजनीतिक रंजिश में हुई है, तो यह बंगाल की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ा चैलेंज है। सुवेंदु का 'क्लींजिंग वर्क' वाला बयान आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में और गरमाहट पैदा कर सकता है।















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