प्रियंका गांधी ने महिलाओं पर लगाया दांव तो कैसे बढ़ी सभी दलों की बेचैनी, जानिए
लखनऊ, 22 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले आधी आबादी को साधने में सभी राजनीतिक दल जुट गए हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने महिलाओं का साधने का दांव सबसे पहले चला था उसके बाद से ही अब सभी दलों की प्राथमिकता में आधी आबादी आ गई है। आधी आबादी को लेकर हर दल की तरफ से तमाम दावे किए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने प्रयागराज से जिस तरह से मातृ शक्ति पर फोकस किया था उससे यही अटकलें लगाई जा रही हैं कि पीएम ने कांग्रेस के महिलाओं को साधने के दांव का काउंटर करने के लिए ही आधी आबादी पर फोकस किया था। यूं कहें कि जैसे जैसे चुनाव नजदीक आता जाएगा वैसे वैसे महिलाओं को साधने और लगभग सात करोड़ महिला वोटरों को साधने का दांव हर दल चलेगा।

कांग्रेस के कदम से दूसरे दलों की बेचैनी बढ़ी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 'मैं लड़ूंगी, मैं लड़ सकती हूं' का नारा दिया। उन्होंने यूपी चुनाव में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने का वादा किया था. इस कदम ने महिलाओं को राजनीति के केंद्र में ला दिया है। अब सत्ताधारी भाजपा हो या विपक्ष की सपा, बसपा। सबने एक ही राह पर चलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की पहल के बाद अब सपा, बसपा और बीजेपी सबको एक साथ मातृशक्ति की याद आई है। इसे लेकर हर राजनीतिक दल अपने अपने तरीके से चुनावी अभियान चलाने में जुटा हुआ है। उत्तर प्रदेश में सभी पार्टियों का अपना-अपना जनाधार है। कांग्रेस का किसी भी जाति का मजबूत आधार नहीं है। कांग्रेस यूपी में अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है। यही वजह है कि महिलाओं के बीच प्रियंका गांधी वाड्रा की छवि को भुनाने के लिए चुनावी खाका तैयार किया गया है। अगर महिला मतदाता कांग्रेस पार्टी को समर्थन देती हैं तो इससे प्रियंका गांधी की छवि और मजबूत होगी।

क्या स्वतंत्रदेव सिंह ने की प्रियंका की नकल ?
दरअसल, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ट्वीट किया, 'मैं एक लड़की हूं.. अब मैं भी पढ़ सकती हूं, आगे बढ़ सकती हूं और दुनिया का नेतृत्व कर सकती हूं.' उन्होंने लिखा कि यह पीएम मोदी के प्रयासों का इनाम है। आज हमारे देश की बहनें-बेटियां इसी नारे को अपनाकर हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। भाजपा ने प्रयागराज में बड़ा सम्मेलन कर महिलाओं का किया सम्मान पीएम मोदी ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, बैंकिंग संवाददाता सखी, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लाभार्थियों को करोड़ों रुपये दिए. उन्होंने मां शक्ति से भी बातचीत की। उनके मंच पर 15 प्रमुख महिला चेहरे थे, जिनका जिक्र खुद पीएम मोदी ने किया था।

मायावती ने सतीश मिश्रा की पत्नी पर लगाया दांव
बसपा में पहली बार मायावती के अलावा किसी महिला चेहरे को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मायावती के बाद पहली बार बसपा में किसी महिला नेता को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। मायावती के बाद पहली बार बसपा में किसी महिला नेता को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। सतीश मिश्रा की पत्नी कल्पना मिश्रा प्रबुद्ध महिला सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं को जोड़ने का काम कर रही हैं। दरअसल बसपा में मायावती के अलावा और कोई बड़ा महिला चेहरा नहीं है, जो सीधे तौर पर महिलाओं से जुड़ सके।

सपा भी महिलाओं को साधने में जुटी
वहीं सपा में अखिलेश यादव ने डिंपल यादव को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। 2010 में संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाली समाजवादी पार्टी को अब लगभग आधी आबादी की चिंता सता रही है। 2010 में सपा ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया था। अब उन्हें भी आधी आबादी की चिंता सताने लगी है। यह जिम्मेदारी डिंपल यादव को दी गई है। महिला सभा अध्यक्ष जूही सिंह जिलों का दौरा कर महिलाओं से बातचीत कर रही हैं। अखिलेश यादव की सरकार में महिलाओं के लिए समाजवादी पेंशन योजना शुरू की गई थी। सरकार बनने पर इसे फिर से शुरू किया जा सकता है।

पिछले चुनाव में चार करोड़ महिलाओं ने किया था मतदान
दरअसल, 2017 के विधानसभा चुनाव में पुरुषों की तुलना में 4% अधिक महिलाओं ने मतदान किया था। दरअसल 2017 के विधानसभा चुनाव में करीब 4 करोड़ महिलाओं ने मतदान किया था। यह संख्या पुरुषों की तुलना में 4% अधिक थी। 59 फीसदी पुरुषों के मुकाबले 63 फीसदी महिलाओं ने वोट देकर अपनी ताकत का इजहार किया। महिला वोटरों की इसी ताकत को समझते हुए कांग्रेस ने इस बार जाति की रणनीति के बजाय महिलाओं पर अपना फोकस रखा है।












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