यूपी में मानवता शर्मसार, भांजी का शव कंधे पर लेकर गया मामा

इलाज के दौरान भांजी की मौत हो गई जिसके बाद मामा को अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिल पाई तो शव को कंधे पर ढोकर लाना पड़ा।

इलाहाबाद। एक हाथ में साइकिल की हैंडिल और कांपता हाथ। दूसरे हाथ से भांजी का शव कांधे से चिपकाये अपनी लाचारी व्यक्त करता एक शख्स जब सड़क पर बढ़ रहा था तो उसकी आंखों से बहते आंसू सरकारी व्यवस्था का शर्मनाक रूप दिखा रहे थे। दाना मांझी कि खबर आपने पढ़ी होगी कि कैसे पत्नी का शव कंधे पर लादकर चल पड़ा था। अब वैसा ही हाल कौशांबी जिले में हुआ है। बस फर्क इतना है कि शव भांजी का था और कंधा मामा का। यह घटना 12 जून की शाम हुई है। जिला अस्पताल से एंबुलेंस व शव वाहन नहीं मिलने पर भांजी का शव कंधे पर रखकर उसका मामा साइकिल से दस किलोमीटर दूर अपने घर पहुंचा। मामले में कौशांबी के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। याद दिला दें कि अभी चंद रोज पहले महिला की मौत पर भी ऐसा ही बखेड़ा खड़ा हुआ था। पति अपनी गर्भवती पत्नी का शव स्ट्रेचर पर ढोकर ले जा रहा था।

ड्राइवर बोला एंबुलेंस में तेल नहीं

ड्राइवर बोला एंबुलेंस में तेल नहीं

घटना कौशांबी के सिराथू तहसील के मलाकसद्दी गांव से जुड़ी है। यहां के रहने वाले अनंत कुमार की सात माह की बेटी पूनम को सोमवार सुबह उल्टी दस्त होने लगी। उसे एंबुलेंस से आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान पूनम की मौत हो गई। बच्ची के शव को वापस घर लेकर जाने के लिये अस्पताल से एंबुलेंस मांगी गयी। अनंत ने बताया कि वह अस्पताल में डाक्टर व सीएमएस का घंटों चक्कर लगाता रहा, लेकिन मदद नहीं मिली। एंबुलेंस चालक ने आठ सौ रुपये की डिमांड की। गरीब परिजनों के लिये 800 भी देना मुश्किल था। मिन्नत की तो चालक ने बताया एंबुलेंस में तेल नहीं है।

साइकिल से पहुंचा मामा तो शव लेकर आया

साइकिल से पहुंचा मामा तो शव लेकर आया

इस बीच पूनम का मामा बृजमोहन साइकिल लेकर अस्पताल पहुंचा। पहले तो वह भी बिलख-बिलख कर रोया और फिर अपनी गरीबी को दोष देते हुये भांजी के शव को अपने कंधे पर उठाकर रोता हुआ घर निकल पड़ा। उस वक्त यह असहाय परिवार नहीं बिलख रहा था, मानवता बिलख रही थी जो चिकित्सा विभाग के अमानवीय व्यवहार पर टूटकर बिफर पड़ी थी। जिसने भी बृजमोहन को ऐसे कंधे पर लाश उठाये देखा उसका कलेजा द्रवित हो उठा। एक हाथ से साइकिल की हैंडिल पकड़े और दूसरे हाथ से शव को कंधे से चिपकाये करीब दस किलोमीटर वह साइकिल चलाता हुआ गांव पहुंचा। लोगों ने कौशांबी के इस दाना मांझी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली और सवाल उठाये। मीडिया के माध्यम से खबर डीएम तक पहुंची तो उन्होंने इसकी मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश के साथ ही सीएमओ डा. एसके उपाध्याय को घटना के समय ड्यूटी पर तैनात डाक्टर व एंबुलेंस चालक पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।

क्या कहा परिजनों ने

क्या कहा परिजनों ने

मृतक पूनम के पिता अनंत ने बताया कि हम लोग एंबुलेंस से अस्पताल गए थे। वापस घर आने के लिए हमारे पास साधन नहीं था। हमने बेटी का शव घर ले जाने के लिए डॉक्टर और सीएमएस से मदद मांगी पर मदद नहीं मिली। जब अस्पताल में मौजूद एंबुलेंस चालक से कहा तो 800 रुपए मांगे। पैसे न होने पर उसने मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने शव वाहन का नंबर दिया। मैंने उस पर फोन किया तो शव वाहन के चालक ने कह दिया कि वाहन में तेल नहीं है। बृजमोहन ने बताया कि हमारे सामने गरीबी थी और मजबूरी भी जो आज हमें ऐसे हालात देखने पड़े। मदद नहीं मिली तो जो रास्ता था अपनाया।

क्या कह रहे डीएम

क्या कह रहे डीएम

मामले में डीएम मनीष वर्मा ने कहा कि घटना की न्यायिक जांच होगी। दोषियों को नहीं बख्शा जायेगा। सीएमओ डा. एसके उपाध्याय को घटना के समय ड्यूटी पर तैनात डाक्टर व एंबुलेंस चालक पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+