Umesh Pal Prayagraj: माफिया अतीक अहमद की बढ़ेंगी मुश्किलें, गुजरात से UP लाने की तैयारी शुरू?
माफिया अतीक अहमद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीएम योगी के सख्त रुख के बाद अब यूपी पुलिस इस माफिया को गुजरात से यूपी लाने की तैयारी में जुटी है। इसको लेकर कागजात तैयार किए जा रहे हैं।

Umesh Pal Prayagraj: उत्तर प्रदेश में इस समय प्रयागराज में 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड का मुद्दा छाया हुआ है। इस घटना में अब तक दो आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में एसटीएफ और पुलिस की एक दर्जन टीमें अलग अलग जगहों पर इनपुट के आधार पर छापेमारी कर रही हैं। इस बीच शासन में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों की माने तो हत्याकांड के बाद मिले साक्ष्यों के आधार पर यूपी पुलिस माफिया डॉन अतीक अहमद को गुजरात से यूपी लाने की तैयारी में जुट गई है।
मंत्री के बयानों के बीच अतीक की वापसी अहम
ऐसे समय में पुलिस का यह कदम और भी अहम हो जाता है जब कुछ दिन पहले ही यूपी सरकार के एक मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा था कि यूपी में गाड़ी फिर पलट सकती है। राठौर ने प्रयागराज गोलीकांड के बाद बयान देते हुए कहा था कि ज्यादा हाय-तौबा न करें, क्योंकि गाड़ी पलट भी सकती है। इस दौरान उन्होंने सीएम योगी के उस बयान की याद दिलाई थी जो उन्होंने प्रयागराज की घटना को लेकर सदन में दिया था।
गुजरात से यूपी लाने की कागजी कार्रवाई शुरू
सूत्रों की माने तो गुजरात की साबरमती जेल में बंद डॉन से नेता बने अतीक अहमद को यूपी लाने के लिए पुलिस ने कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। नाम न छापने की शर्त पर वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि,
अब तक मिली जानकारी और सबूतों के आधार पर अतीक की पहचान उमेश पाल और दो पुलिस गार्ड की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में की गई है। हमने कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है और जल्द ही गुजरात की जेल में वारंट बी (प्रोडक्शन वारंट) के लिए आवेदन करेंगे, जहां अतीक बंद है। हम राज्य में उसके खिलाफ मामलों में तेजी लाने पर भी काम कर रहे हैं।
2019 में साबरमती जेल स्थानांतरित किया गया था अतीक
अतीक को जून 2019 में साबरमती जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अप्रैल, 2019 को उसे गुजरात की एक उच्च सुरक्षा वाली जेल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था, जब उस पर जेल में रहते हुए एक रियल एस्टेट व्यवसायी मोहित जायसवाल के अपहरण और हमले का आरोप लगाया गया था। 28 दिसंबर, 2018 को, जायसवाल ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें कहा गया था कि उनका लखनऊ से अपहरण कर लिया गया था और उन्हें जेल ले जाया गया था।
अतीक और उसके सहयोगियों पर मारपीट का आरोप
आरोप है कि यहां अतीक और उनके सहयोगियों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई थी। घटना यूपी के देवरिया जेल में हुई थी। बाद में, मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था जिसने मामले में 31 दिसंबर, 2020 को चार्जशीट दायर की थी और अतीक और उसके बेटे उमर सहित अन्य को दोषी ठहराया था।
प्रयागराज की घटना को लेकर सख्त हैं सीएम योगी
दरअसल इससे पहले मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि इस घटना में शामिल माफिया को मिट्टी में मिला देंगे। अब इसकी शुरुआत हो चुकी है। योगी सरकार में मंत्री राठौर ने कहा था कि आपने देखा प्रयागराज में क्या हुआ। सभी अपराधी डरे हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर, उमेश पाल हत्याकांड में अब तक शूटर अरबाज और उस्मान चौधरी उर्फ विजय चौधरी को यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ और पुलिस की 10 से अधिक टीमें लगी हैं। अतीक की पत्नी और दो बेटों से लगातार पूछताछ की जा रही है।












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