काशी में कांग्रेसी ननद और सपाई भाभी के बीच चुनावी दंगल, बहू के साथ है सास
वाराणसी। मुद्दे वर्षों पुराने लेकिन प्रत्याशी एक ही घराने के और ऐसा अनोखा चुनाव अगर कहीं देखना हो तो इस समय प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होने वाले निकाय चुनाव में चल रहे प्रचार अभियान में देखने को मिल जायेगा। यहां सास कांग्रेस की पदाधिकारी होकर सपा से पार्षद प्रत्याशी बहू को जीत दिलाने के लिए घर-घर जाकर बहू के संग प्रचार कर रही हैं तो वहीं बहू की ननद उसी वार्ड से कांग्रेस के टिकट पर दंभ भर रही है। बावजूद इसके रिश्तों पर न ही इसका कोई प्रभाव है और न ही कोई तकरार। बस अगर कुछ है तो वो है अपनी पार्टी का झंडा लहराना।

कांग्रेस के टिकट पर लड़ रही ननद
जीत किसी की भी हो, प्रत्याशियों का सिर्फ यही मानना है कि हमें जनता की सेवा ही करना है। वाराणसी के वार्ड नंबर 27 बिरदोपुर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही पार्षद प्रत्याशी श्वेता पांडे अपने पति कांग्रेस नेता शरद पांडे को पूर्व में कुछ ही वोटों से मिली हार के बदले जीत का तोहफा उन्हें देने के लिए मैदान में उतरी हैं और इसमें उनकी मदद कर रही हैं। उनकी सास वीणा पांडे जो खुद महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं जबकि इसी वार्ड से वीणा पांडे की बेटी और श्वेता पांडे की ननद रितु पांडे भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।

सपा प्रत्याशी बहू के लिए कर रही कांग्रेसी सास चुनाव प्रचार
राजनीति में कहा जाता है कि 'न ही कोई किसी का दोस्त होता है और न ही कोई किसी का दुश्मन' और यह बातें वाराणसी में होने वाले निकाय चुनाव के लिए हो रहे चुनाव प्रचार अभियान में देखने को मिल रहा है। वार्ड नंबर 27 से सपा प्रत्याशी श्वेता पांडे अपनी सास वीणा पांडे के साथ घर-घर जाकर खुद के लिए वोट मांग रही है और इसी वार्ड में उनकी ननद कांग्रेस प्रत्याशी रितु पांडेय भी अपने पति कांग्रेस नेता डॉक्टर अनुपम पांडे के साथ प्रचार अभियान को बल दे रही है। हलांकि इस दौरान श्वेता पांडे से बात करने पर उनका कहना रहा कि क्षेत्र की जनता का उन्हें पूरा प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है। बताया कि उनके पति शरद पांडे भी इसी वार्ड से पूर्व में चुनाव लड़े थे और 12 वोटों के अंतर से ही हारे थे लेकिन इस बार सभी ससुराल वालों के साथ क्षेत्र की जनता का भी उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है।

बहू के साथ चुनाव प्रचार कर रही सास
यह पूछे जाने पर कि सास व पति दोनों कांग्रेस सदस्य है ओर सपा से टिकट लेकर चुनाव लड़ रही है पर उनका कहना है कि शुरू से ही समाजवादी पार्टी उनकी पसंदीदा रही है जिसके लिए वो सपा से टिकट लेकर मैदान में उतरी है। वहीं यह पूछे जाने पर कि ननद रितु भी प्रतिद्वंदी के रूप में है पर कहना रहा कि कोई प्रतिद्वंदी नहीं है वो अपने पार्टी के लिए चुनाव लड़ रही है और मैं अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए खड़ी हूं और इससे परे हमारे घर में रिश्ते काफी अच्छे हैं और इस चुनाव का उन रिश्तों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला हैं। वहीं बहू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी सास कांग्रेस नेता वीणा पांडे कहती है कि पिछले बार भले ही बेटा कुछ वोटों से हार गया लेकिन इस बार जनता पूरी तरह उनके साथ है और वो बहू के लिए उसके साथ हर कदम पर खड़ी हैं। जहां तक बात बेटी की है तो वो अपनी पार्टी के लिए लड़ रही है और बहू अपनी पार्टी के लिए तो इसमें तकरार की कोई बात ही नहीं है।

रिश्ते से बड़ा हुआ पार्टी का परचम
वहीं ननद कांग्रेस से पार्षद प्रत्याशी रितु पांडे का कहना रहा कि उनकी लड़ाई सीधे भाजपा प्रत्याशी से हैं और किसी से नहीं है। जहां तक बात भाभी श्वेता के चुनाव लड़ने की है तो वो अपने पार्टी की प्रत्याशी है और मैं अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए खड़ी हूं। जहां तक बात मुद्दों की है तो हमारी प्राथमिक्ता सड़क, पानी व जल की समस्या को दूर करना है जो जीतने के बाद जरूर करूंगी। रितु के पति डॉ.अनुपम पांडे का भी यही मानना है कि रिश्ते अपनी जगह और चुनाव अपनी जगह है। अनुपम कहते हैं कि सारे दल के नेता एक साथ किसी स्थान पर बैठते हैं और साथ खाते-पीते हैं।












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