टेंट हाउस का पोल हाईटेंशन तार से टकराया, धमाके के साथ 2 की मौत
मरने वालों में एक बाल श्रमिक तो दूसरा किशोर था। सूचना पर पहुंची चुनार कोतवाली पुलिस ने टेंट हाउस को सील करके संचालक को हिरासत में ले लिया।
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में चुनार थाना क्षेत्र के नगर पालिका के सेटलमेंट एरिया मोहल्ले में बुधवार को हाईटेंशन तार की चपेट में आकर टेंट हाउस में काम करने वाले दो कर्मचारियों की मौत हो गई। मरने वालों में एक बाल श्रमिक तो दूसरा किशोर था। सूचना पर पहुंची चुनार कोतवाली पुलिस ने टेंट हाउस को सील करके संचालक को हिरासत में ले लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोनों किशोरों के परिजनों ने टेंट हाउस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

टेंट का लोहे का पाइप छत पर रखते समय तार से सटा
सेटलमेंट एरिया मोहल्ले में मसीउल्ला का दो मंजिला मकान है। अपने मकान में ही वह भारत टेंट हाउस एंड कैटरर और आजाद रोड लाइट एंड डीजे के नाम से फर्म खोले हैं। कई वर्ष से वह यह धंधा करते आ रहे हैं। बुधवार की दोपहर में एक बजे के करीब मकान के सामने टेंट में प्रयोग होने वाले लंबे पाइप को वेल्डिंग करने के बाद उपरी मंजिल के छत पर रखवाने की प्रक्रिया चल रही थी। उसी मोहल्ले का 16 वर्षीय बाबू पुत्र रामबली और पास के मोहल्ले कांशीराम शहरी आवास का निवासी 12 वर्षीय सैफ पुत्र मुख्तार टेंट हाउस के कर्मचारी थे। दोनों मकान के उपरी मंजिल पर खड़े होकर नीचे से पकड़ायी जाने वाली पाइप को छत पर रख रहे थे। इसी दौरान पाइप उपर से गुजरे 11 हजार वाट के हाईटेंशन तार से टच कर गया। बस क्या था देखते ही देखते दोनों मजदूरों की छत पर ही मौत हो गई।

टेंट संचालक को पुलिस ने हिरासत में लिया
घटना के बाद नीचे काम करने वाले दूसरे मजदूरों और मोहल्ले में हो हल्ला मच गया। टेंट व्यवसायी ने शवों को हटवाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाया। कुछ ही देर में मोहल्ले के लोगों की भीड़ जुट गयी। कोतवाल राजीव सिंह भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को छत पर उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही टेंट हाउस को सील करके संचालक को हिरासत में ले लिया। साथ ही उस पाइप को भी कब्जे में ले लिया है जिसके हाईटेंशन बिजली तार के टच होने से दोनों किशोर मजदूरों की मौत हुई थी। कोतवाल ने पीड़ित पक्ष का आश्वासन दिया कि दोषी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुआवजे के लिए परिजनों ने किया 45 मिनट चक्का जाम
चुनार थाना के सेटमेंट एरिया में हाईटेंशन बिजली करेंट की चपेट में आने से दो किशोर मजदूरों की मौत की घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने से पहले परिजनों ने बीच सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। स्टेट बैंक-कचहरी मार्ग पर दो बजे से 45 मिनट तक चक्का जाम करके मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा और वहां से हाईटेंशन तार को हटवाने की मांग की। एसडीएम सुनील कुमार मिश्र, सीओ प्रदीप कुमार ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब परिजन माने और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम हाउस पर चुनार के साथ ही जमालपुर और अदलहाट थाना की भी पुलिस फोर्स तैनात रही। एसडीएम और सीओ भी देर शाम तक वहीं जमे रहे।

टेंट हाउस संचालक की लापरवाही से गई दोनों मजदूरों की जान
चुनार थाना के सेटलमेंट एरिया मोहल्ले में बुधवार की दोपहर में हाईटेंशन बिजली करेंट की चपेट में आने से दो किशोर मजदूरों की मौत मामले में टेंट संचालक की लापरवाही खुलकर सामने आ गयी। मकान के उपर से गुजरे हाईटेंशन बिजली के तार को नजर अंदाज करके वह तीन दिनों से मजदूरों से लापरवाही पूर्ण कार्य कराता रहा। मजदूरों ने आशंका भी व्यक्त की थी कि कहीं पाइप बिजली के तार की चपेट में न आ जाए। लेकिन संचालक ने डपट कर मजदूरों को शांत करा दिया था। दरअसल टेंट संचालक का मकान सड़क के ठीक किनारे है। सड़क के किनारे से ही 11 हजार वाट के हाईटेंशन बिजली का तार गुजरा है। ऐसे में छत पर खड़े होने पर तारों में टच होने का खतरा बना रहता है। बावजूद थोड़ी मेहनत और थोड़ा पैसा बचाने के चक्कर में टेंट हाउस संचालक ने इतना बड़ा रिस्क उठा लिया। तीन दिनों से नीचे दुकान के सामने पाइपों को वेल्डिंग कराकर दूसरे मंजिल के उपर छत पर रखवा रहा था।
पाइप के तारों के संपर्क में आने से होने लगा धमाका
चुनार थाना के सेटलमेंट एरिया में टेंट हाउस के दूसरी मंजिल पर पाइप चढाते समय हाईटेंशन तारों के पाइप के संपर्क में आने से धमाका होने लगा। पाइप छूते ही तीनों तार एक में टच हो गए। इसलिए करेंट अचानक ज्यादा हो गया। इसलिए तारों के तड़तड़ाने की आवाज से आस-पास के घरों के लोग भी अवाक रह गए। वह घबरा कर अपने घरों से बाहर निकल आए। यहां आने पर पता चला कि करेंट की चपेट में आन से दोनों मजदूरों की मौत होते ही पाइप सड़क पर गिर पड़ी। संयोग ही रहा कि नीचे उस समय कोई सड़क पर पाइप की चपेट में नहीं आया नहीं तो और भी परेशानी सामने होती। तारों के आवाज करने के साथ ही कुछ ही पल में बिजली कट गयी। जिससे और हादसे नहीं हो पाए। लोगों के घरों के बिजली के उपकरण जलने से बच गए।

टेंट हाउसों में काम करने वाले खतरे से खेल रहे
टेंट हाउस संचालकों के यहां काम करने वाले मजदूर हमेशा खतरों से खेल रहे हैं। आयोजन के समय संचालक बुकिंग ले लेते हैं लेकिन कर्मचारियों को ही बिजली और लोहे की पाइपों को बिजली के तारों के बीच में लगाना पड़ता है। ऐसे में अक्सर घटनाएं घटित हो जाती हैं लेकिन कभी इन कर्मचारियों की ओर से ध्यान नहीं दिया जाता है। बिना पंजीयन के काम करने वाले मजदूरों का बीमा भी नहीं कराया जाता है। मृतक के परिवार के सदस्यों ने हादसे के बाद मुआवजे के साथ ही टेंट पर काम करने वाले मजदूरों के बीमा सहित पंजीयन कराना अनिवार्य करने की भी मांग की।
एक महीने में करेंट से चार मौत हो चुकी है
जिले में एक महीने में अलग-अलग स्थानों पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चार मौत की घटना हो चुकी है। बावजूद बिजली विभाग के अफसरों की ओर से तारों को ठीक कराने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। बीस दिन पहले अहरौरा में स्कूल के पास बिजली के खंभे में करेंट उतरने से प्राथमिक विद्यालय के कक्षा एक के छात्र की मौत हो गई थी। वहीं पटेहरा चौकी के पथरौर गांव में पांच दिन पहले रसोइया की बहू की करेंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। रसोइया की बहू की सुबह स्कूल की साफ-सपाई कराने जाते समय सड़क पर टूटकर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हुई थी।












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