Uttar Pradesh Election 2022: अबकी बार अखिलेश की बाहुबलियों से यारी ?, कब थमेगी चाचा-भतीजे की रार
लखनऊ, 30 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव पहले सभी राजनीतिक पार्टियां अपने अपने दावे में लगी हुई हैं। इस बीच खबर है कि राजा भैया ने अखिलेश यादव से मुलाकात की है। हालांकि इस मुलाकात के बाद क्या अखिलेश को राजा भैया का साथ पसंद आएगा। इधर चाचा शिवपाल भी भतीजे की बेरुखी से परेशान हैं। दूसरी ओर बीजेपी में भी चुनावी बयार जोर पकड़ रही है। अमित शाह के दौरे के बाद अब सियासी गिलियारों में यह चर्चा आम हो गई है कि अगला मुख्यमंत्री भी ठाकुर ही होगा लिहाजा बीजेपी में अब ब्राह्मण और ओबीसी के लिए कुछ नहीं बचा है।

क्या अखिलेश की लताड़ के बाद राजा भैया को आई मिलने की याद
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह की जन सेवा संकल्प यात्रा लखनऊ से शुरू होकर आगरा और नोएडा तक जाएगी। इस बीच राजा भैया ने शनिवार को अखिलेश यादव से मुलाकात की तो सियासी गलियारों में चर्चा आम हो गई। इससे पहले राजा भैया ने कहा था कि उन्होंने राज्यभर में अभी 100 सीटों को चिन्हित किया है। यह संख्या अभी और बढ़ भी सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी या किसी और दल के साथ गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि, अभी उनकी किसी से भी बात नहीं हुई है।

चाचा- भतीजे का धर्मयुद्ध कब खत्म होगा
समाजवादी पार्टी की राजनीति पर नजर रखने वाले राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि अखिलेश और शिवपाल के बीच घमासान का नुकसान फिर अखिलेश को उठाना पड़ सकता है। इसलिए अखिलेश यादव को अपने चाचा से संघर्ष करने के बजाए उनके साथ चुनावी गठबंधन करना चाहिए। अखिलेश जब ओम प्रकाश राजभर से चुनावी गठबंधन के लिए वार्ता कर रहे हैं तो फिर उन्हें शिवपाल से परहेज क्यों हैं? ये सवाल करने वाले राजनीतिक समीक्षक कहते हैं कि यादव और मुस्लिम समाज चाहता है कि अखिलेश यादव अपने चाचा के साथ अपने रिश्ते ठीक करें वरना मुस्लिम समाज सपा से दूरी बना लेगा।

विधायक जी की भी सुनिए
समाजवादी पार्टी के गौरीगंज (जनपद-अमेठी ) विधानसभा क्षेत्र से विधायक राकेश प्रताप सिंह ने शनिवार को कहा कि मैं प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से बहुत ही आहत हूं। उन्होंने कहा कि मैं अपनी विधान सभा की सदस्यता से त्याग पत्र देकर पूज्य सरदा बल्लभ भाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर 2021 से पूज्य गाँधी जी की प्रतिमा ( अटल चौक / हजरतगंज चौराहा ) पर समस्या के निस्तारण तक अनवरत एवं अनिश्चितकालीन अनशन पर अपन सहयोगियों के साथ कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए बैठूंगा। उन्होंने कहा कि विधान सभा क्षेत्र में पी एमजीएसवाई योजना के अन्तर्गत दो मार्गों काढू नाला से धौरी मार्ग व मुसाफिरखाना से पारा मार्ग के बनते ही पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने एवं आवागमन के कष्ट प्रद हो जाने के प्रकरण को यूपी प्राक्कलन समिति के सदस्य के रूप में विगत वर्ष 2018/19 प्राक्कलन समिति एवं सदन में उठाता आ रहा हूं।












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