इलाहाबाद: रंजना वाजपेयी के समाजवादी पार्टी से निष्कासन की ये है असल वजह

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाहाबाद में रोड शो के दौरान अखिलेश यादव से अनुग्रह ने रंजना को लेकर कार्रवाई का आग्रह किया था। उसी पर अमल करते हुए रंजना वाजपेयी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

इलाहाबाद। इलाहाबाद की शहर उत्तरी विधान सभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हर्षवर्धन वाजपेयी की तरफदारी करने पर सपा ने बड़ी कार्रवाई की है। हर्ष वाजपेयी की मां डॉ. रंजना वाजपेयी को समाजवादी पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है। उन्हें पार्टी से 6 साल के लिये निष्कासित किया गया है। पूर्व में रंजना वाजेपयी को योजना आयोग का सलाहकार बनाया गया था। साथ ही उन्‍हें राज्‍य मंत्री का दर्जा भी दिया जा चुका है।

रंजना वाजपेयी सपा से 6 साल के लिए निष्कासित

रंजना वाजपेयी का जुड़ाव सीधे मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव से रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाहाबाद में रोड शो के दौरान अखिलेश यादव से अनुग्रह ने रंजना को लेकर कार्रवाई का आग्रह किया था। उसी पर अमल करते हुए रंजना वाजपेयी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

शिवपाल गुट का भी नाम

शिवपाल गुट का भी नाम

इलाहाबाद की इस दिग्गज नेता को हमेशा से शिवपाल गुट का कहा जाता था। कई मौके पर रंजना, शिवपाल खेमे के साथ ही खड़ी नजर आई। ऐसे में अखिलेश के लिये रंजना को निकालने के लिए मात्र एक वजह ढूंढनी थी और वह मिलते ही रंजना की छुट्टी कर दी गई।

पर्दे के पीछे से हर्ष को था सपोर्ट

पर्दे के पीछे से हर्ष को था सपोर्ट

रंजना वाजपेयी ने बेटे हर्ष को बीजेपी से टिकट मिलने के बाद ही शहर उत्तरी में अपनी पूरी ताकत बेटे को जिताने के लिये लगा दी थी। उनके नजदीकी भी पूरी तरह से हर्ष को लेकर प्रचार प्रसार कर रहे थे। हालांकि एक-दो मौके छोड़कर रंजना पर्दे के पीछे ही रही लेकिन बेटे के लिये उनका प्रयास छिपा न रहा और उनका विकेट गिरा दिया गया।

बसपा-कांग्रेस से भी नाता

बसपा-कांग्रेस से भी नाता

रंजना वाजपेयी सपा में आने से पहले कांग्रेस और बसपा के लिये भी बड़ी भूमिका निभा चुकी हैं। हर्ष भी बसपा से भाजपा में आए हैं जबकि हर्ष के पिता अशोक वाजपेयी कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते थे। रंजना वाजपेयी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मध्यकालीन इतिहास की विभागाध्यक्ष हैं। वह पूर्व राज्यपाल और पूर्व केन्द्रीय मन्त्री राजेन्द्र कुमारी वाजपेयी की बहू हैं। वाजपेयी परिवार इलाहाबाद में कद्दावर राजनैतिक परिवार माना जाता है।

सरला यादव बनी राष्ट्रीय सचिव

सरला यादव बनी राष्ट्रीय सचिव

एक ओर सपा से निष्कासन पर खलबली मची हुई है तो दूसरी हो महिला सभा के राष्ट्रीय सचिव पद पर सरला यादव को मनोनीत किया गया है। सरला यादव को महिला सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सचिव पद पर मनोनीत किये जाने पर उनके समर्थकों ने जश्न मनाया। सरला यादव शिकोहाबाद की रहने वाली हैं ।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+