कैसे हुआ था 1984 में मुलायम सिंह यादव पर हमला, ताबड़तोड़ चली थीं गोलियां
आखिर 1984 में मुलायम सिंह की हत्या की साजिश के बाद क्या लिखा गया था, पीएम मोदी ने हाल ही में रैली के दौरान मुलायम पर हत्या की साजिश का जिक्र किया था
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को चुनावी रैली में जिस तरह से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 1984 की घटना याद दिलाई और उनपर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता के लिए उन लोगों से हाथ मिला लिया जिन्होंने उनके पिता की हत्या की कोशिश की थी। पीएम मोदी ने 8 मार्च 1984 की घटना की याद दिलाते हुए अखिलेश यादव पर हमला बोला और कहा कि उस दिन के अखबारों को उठाकर देखिए कैसे इन कांग्रेस के लोगों ने आपके पिता के उपर गोलिया चलवाई थी और इस साजिश के खिलाफ अटल बिहारी वाजपेयी, चौधरी चरण समेत कई नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया ताकि हत्या की साजिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। लेकिन आज सत्ता की हवस में अखिलेश उन लोगों की गोद में बैठ गए हैं जो लोग इस साजिश के पीछे थे।

क्या लिखा था 7 मार्च 1984 के अखबार में
पीएम मोदी ने जिस दिन की घटना का जिक्र किया उसपर नजर डालें तो उस दिन के अखबारों में कुछ इस तरह से इस घटना को लिखा गया था। उस दिन के जनसत्ता ने लिखा था कि लोकतंत्र मोर्च के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पर जान से मारने के लिए उनपर हमला किया गया। छोटेलाल नाम का व्यक्ति जोकि मुलायम सिंह यादव की कार के आगे बाइक से चल रहा था ने मुलायम सिंह यादव पर गोली चला दी थी, लेकिन मौके पर ही सुरक्षा गार्डों ने उसे मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था जबकि दूसरे हमलावर नेत्रपाल को गंभीर चोटें आई थी। यह हमला उस वक्त किया गया जब मुलायम सिंह इटावा से अपने गांव महिखेड़ा वापस जा रहे थे।

मेरी कार के सामने गोलिया चलने लगी थी
इस हमले के बाद मुलायम सिंह यादव ने पत्रकारों को बताया था कि वह 2 मार्चे से ही दौरे पर हैं और तमाम रैलियों में हिस्सा ले रहे हैं। 4 मार्च को शाम 5 बजे जब वह इटावा और मैनपुरी की सीमा के पास झींगपुर में रैली को संबोधित किया था। उसके बाद वह अपेन दोस्त मिलने के लिए महिखेड़ा के गांव मौजा सौज गएए थए। वह शाम को 9.30 बजे मैंने अपनी कार के सामने गोलियों की आवाज सुनी, मुलायम के ड्राइवर ने बताया कि जब वह कार चला रहा था तो बाइक सवाल उसके बगल में चल रहा था तभी वह रुका और उसने गोलियां चलानी शुरु कर दी ।लेकिन इस वक्त मुलायम सिंह के साथ मौजूद पुलिसकर्मियो ने इनपर जवाबी हमला कर दिया, जब गोलीबारी थमी तो मुलायम सिंह को सुरक्षित एक दूसरी पुलिस की जीप में कुर्रा पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया।

गोली चलाने वाले की मौके पर मौत
छोटेलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी वह पेशे से प्राइमरी शिक्षक था, जबकि नेत्रपाल जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती था। इस घटना के बाद मुलायम सिंह यादव ने पुलिसकर्मियों की काफी तारीफ की थी जिन्होंने उन्हें इस हमले के बाद सुरक्षित रखा। इस हमले के बाद मुलायम सिंह ने किसी का नाम लिए बिना कहा था कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन मैं भगवान की दुआ से बच गया। मुझे कुछ समय पहले लोगों ने बताया गया था कि मुझपर हमला हो सकता है, लकिन मैंने इसपर भरोसा नहीं किया था।

लोकदल ने लगाया था कांग्रेस पर आरोप
मुलायम सिंह जिस वक्त पत्रकारों से अपने उपर हुए हमले के बारे में जानकारी दे रहे थे उस वक्त करहल से पूर्व विधायक नाथू सिंह भी मौजूद थे ने कहा कि मैनपुरी में लोग लोकदल के कार्यकर्ताओं की वजह से दहशत में जी रहे हैं। उन्होंने उस वक्त ग्राव विकास मंत्री बलराम सिंह यादव के समर्थकों पर इस हमले का आरोप लगाया था। वहीं इटावा के लोकदल अध्यक्ष महाराज सिंह ने आरोप लगाया था कि सत्ता में बैठी कांग्रेस अपराधियों को मदद से अपनी राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती है।












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