पिता की विरासत संभालने उतरे "बेटों" की उम्मीदों को लगेंगे "पंख" या "अरमानों" पर फिरेगा पानी, जानिए
लखनऊ, 4 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान समाप्त हो गया है और अब राज्य में सातवें चरण का ही मतदान बाकी है। राजनीति की बात करें तो यूपी में इस बार कई ऐसी सीटें हैं जहां पिता की विरासत को संभालने की तैयारी में बेटे मैदान में उतरे हैं। इसमें ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर हों, बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी हों या फिर मोहम्मदाबाद सीट से पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी के बेटे सुहैब अंसारी उर्फ मन्नू अंसारी हों। सब इस बार माननीय बनने के लिए जोर लगा रहे हैं लेकिन उनका सपना पूरा होगा या उनके अरमानो पर पानी फिर जाएगा यह तो दस मार्च को पता चलेगा लेकिन फिलहाल बेटों की वजह से ये सीटें चर्चा में जरूर आ गई हैं।

चुनाव लड़ रहे हैं संजय निषाद के बेटे
गोरखपुर जिले की दूसरी सीट चौरी-चौरा है और यहां से निषाद पार्टी के मुखिया डॉक्टर संजय निषाद के बेटे सरवन कुमार एनडीए के उम्मीदवार हैं। वह अपनी पार्टी के टिकट पर मैदान में हैं और इस सीट पर बीजेपी उनका समर्थन कर रही है। इस सीट पर भी डॉ. संजय निषाद की ख्याति सरवन कुमार से ज्यादा जुड़ी हुई है। क्योंकि निषाद पार्टी पहली बार बीजेपी के साथ गठबंधन में है और उस पर ज्यादातर सीटें जीतने का दबाव है। संजय निषाद के एक बेटे प्रवीण निषाद पहले ही सांसद बन चुके हैं। चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने संजय निषाद को एमएलसी बनाया था जिसके बाद अब वह बीजेपी के लिए प्रचार कर रहे हैं।

ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद भी आजमा रहा किस्मत
वहीं, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिवपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ओपी राजभर ने राज्य में समाजवादी पार्टी के साथ राजनीतिक गठबंधन किया है और इस सीट पर सपा उनका समर्थन कर रही है। इस सीट पर ओपी राजभर की साख दांव पर है। क्योंकि राजभर का दावा है कि वह राज्य में बीजेपी का सफाया कर देंगे। जबकि 2017 का विधानसभा चुनाव सुभाषप ने भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था। इस सीट पर बीजेपी ने अपने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को मैदान में उतारा है। अनिल राजभर के भी अपने दावे रहे हैं। क्या वह शिवपुर की सीट को बीजेपी की झोली में डाल पाएंगे यह देखना दिलचस्प होगा।
इन सीटों पर राजनीतिक नेताओं के बेटे लड़ चुके हैं
यूपी में अब तक छह चरणों में मतदान हो चुका है और सातवें चरण के लिए मतदान जारी है। वहीं इससे पहले हरदोई के नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल, बाराबंकी की जैदपुर सीट से पीएल पूनिया के बेटे तनुज पूनिया, बहराइच की कैसरगंज सीट से मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के बेटे गौरव वर्मा समेत कई नेताओं के बेटे इस बार चुनावी मैदान में हैं। इसमें भी रोचक यह है कि इस बार मऊ सदर सीट से बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी चुनावी मैदान में हैं। अपने पिता की बदौलत सीट पाए ये बेटे क्या राजनीति में पिता की विरासत को संभाल पाएंगे यह देखना दिलचस्प होगा।
गोरखपुर में बहुचर्चित हाते की साख दांव पर है
इस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर की दो सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। क्योंकि इन दोनों सीटों पर दिग्गज नेताओं के बेटे चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे पहले बात करते हैं चिलुपार सीट की। जहां सपा के टिकट पर विनय शंकर तिवारी मैदान में हैं। वह पहले बसपा में थे और चुनाव से ठीक पहले वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। विनय शंकर तिवारी पूर्वांचल के शक्तिशाली बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के पुत्र हैं और उनके कंधों पर उनके पिता के राजनीतिक अस्तित्व को बचाने की जिम्मेदारी है। इस सीट से लगातार हरिशंकर तिवारी जीतते रहे हैं। इस सीट पर विनय शंकर के साथ हरिशंकर तिवारी की साख भी दांव पर है।












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