नए संसद में पूजा कराने वाले ब्राह्मणों पर Swami Prasad Maurya ने उठाया सवाल, सेंगोल के लिए भी कही यह बात
Swami Prasad Maurya: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने नए संसद भवन और सेंगोल राजदंड स्थापना को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण गुरुओं को बुलाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

Swami Prasad Maurya: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 28 मई को हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान के बाद नई संसद का उद्धाटन कर दिया। इस दौरान ऐतिहासिक 'सेंगोल' लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की कुर्सी के पास स्थापित कर दिया। नई संसद के उद्धाटन और सेंगोल स्थापन पर समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा पर तीखा तंज कसा है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने रविवार 28 मई को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा,
सेंगोल राजदंड की स्थापना पूजन में केवल दक्षिण के कट्टरपंथी ब्राह्मण गुरुओं को बुलाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा सरकार का यदि पंथनिरपेक्ष संप्रभु-राष्ट्र भारत में विश्वास होता तो देश के सभी धर्म गुरुओं यथा- बौद्ध धर्माचार्य (भिक्षुगण), जैन आचार्य (ऋषि), गुरु ग्रंथी साहब, मुस्लिम धर्मगुरु (मौलाना), ईसाई धर्मगुरु (पादरी) आदि सभी को आमंत्रित किया जाना चाहिए था।
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मौर्य ने आगे लिखा कि ऐसा न कर भाजपा अपनी दूषित मानसिकता और घृणित सोच को दर्शाया है। यद्यपि कि भाजपा सरकार सेंगोल राजदंड की स्थापना कर राजतंत्र के रास्ते पर जा रही है अपितु दक्षिण के ब्राह्मण धर्मगुरुओं को बुलाकर ब्राह्मणवाद को भी स्थापित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है।
बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार सेंगोल को लोकसभा में स्थापित करने का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,
सेंगोल राजदंड, राजतंत्र का प्रतीक था। आज देश में लोकतंत्र है, लोकतंत्र में राजतंत्र के प्रतीक सेंगोल का क्या काम? सेंगोल के प्रति भाजपा सरकार की दीवानगी इस बात का प्रमाण है कि इसको लोकतंत्र में विश्वास नहीं है इसलिए भाजपा लोकतंत्र से हटकर राजतंत्र के रास्ते पर जा रही है जो लोकतंत्र के लिये खतरे की घंटी है।
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के इस ट्वीट पर बीजेपी की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। उन्हें नहीं पता कि नए संसद भवन के उद्घाटन में सर्व धर्म, प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।













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