यूपी में भाजपा की प्रचंड जीत के पीछे है जयपुर का ये छोरा
भारतीय जनता पार्टी ने यूपी के विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत हासिल की लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस जीत के पीछे शख्स कौन था, जिसे खुद शाह ने 2017 का हीरो बताया था।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जब चुनावी कैंपेन चल रहा था, उस वक्त अमित शाह ने बड़े प्यार से सुनील बंसल को 2017 का हीरो बताया था और आखिर में 47 वर्षीय इस शख्स ने इस बात को साबित कर के दिखाया। बावजूद इसके कि भाजपा का एक वर्ग उनके खिलाफ था और यह कहता रहा कि वो अभिमानी हैं जो किसी और की नहीं सुनते।

तब हुई थी शाह से मुलाकात
2014 लोकसभा चुनाव के कुछ दिन पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने बंसल को उत्तर प्रदेश भेजने का फैसला किया। बंसल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में जयपुर इकाई के महासचिव थे। संघ ने बंसल को यहां शाह की मदद करने के लिए भेजा था। उस वक्त शाह यूपी इंचार्ज थे। और यहीं पहली बार दोनों की मुलाकात हुई।

यहां की हवा में राजनीति
बंसल के मुताबिक 6 महीने जो उन्होंने यूपी में लोकसभा चुनाव में गुजारे उससे उन्हें अनुभव मिला। बंसल ने कहा कि यह वो राज्य है जहां की हवा में राजनीति है। बता दें 2017 के चुनाव में अमित शाह ने सुनील बंसल को भाजपा का राज्य स्तरीय जनरल सेक्रेटरी बना दिया, जो भाजपा संगठन में काफी महत्वपूर्ण पद है।

तब मिली शाह की मदद
शाह की मदद से बंसल ने बूथ से राज्य स्तर तक ओबीसी, अति पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के 1,000 लोगों को पदाधिकारी नियुक्त किया। ओबीसी और दलित पदाधिकारियों को ऊपरी जाति के पदाधिकारियों की जगह लाने के बजाय उन्हें और जोड़ा। इसके बाद बंसल ने 150 कार्यकर्ता, रोजाना के काम के लिए नियुक्त किया। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि उनकी टीम की 95 फीसदी लोग प्रदेश के अलग-अलग हिस्से से हों। बंसल ने कहा कि कई ऐसे कार्यकर्ता हैं जो पार्टी के लिए उत्साह से काम करते हैं और टेक सेवी भी।

जब बने 2 करोड़ कार्यकर्ता
जब यूपी में भाजपा ने दो करोड़ से ज्यादा कार्यकर्ता बना लिए उसके बाद पार्टी का लक्ष्य था बूथों को मजबूत करना। इसके बाद बसल ने बूथ कमेटियों को मजबूत करने का काम शुरु किया। पूरे प्रदेश में 1 लाख 47 हजार बूथ में 1 लाख 8 हजार बूथों पर भाजपा ने प्रभावी ढ़ंग से काम किया।

ये था बंसल का आईडिया
भाजपा ने अपने शहरी पार्टी के टैग को खत्म करने के लिए भी काफी मेहनत की। इतना ही नहीं ये बंसल का ही आईडिया था कि पार्टी पंचायत चुनाव भी लड़े। इस फैसले पर उन्हें विरोध झेलना पड़ा लेकिन यूपी इंचार्ज ओम माथुर की मदद से भाजपा ने पंचायत चुनाव लड़ा और 327 सीटें जीती। भाजपा ने मतदाताओं को बूथ लेवल पर काम कर रिझाया। बंसल ने यह भी सुनिश्चित किया कि पार्टी की मौजूदगी सोशल मीडिया पर हो। (सभी तस्वीर सुनील बंसल की फेसबुक प्रोफाइल से)
ये भी पढ़ें: मोदी लहर में भी बीजेपी के खिलाफ जीता निर्बल शोषित दल का ये बाहुबली नेता












Click it and Unblock the Notifications