'मैं नक्सली बनकर लौटूंगा...जिस दिन गन हाथ आई, प्रिंसिपल को गोली मारूंगा...'

यही नहीं हॉस्टल के कमरे में बरामद हुए 4 पेज लेटर में अंकित यादव ने अपने माता पिता को भी दोषी बताते हुए लिखा है। एलकेजी से मुझे इन्होंने हॉस्टल में डाल दिया, कभी ये सोचा की ये कैसे रहता होगा।

वाराणसी। शहर के निजी स्कूल से लापता हुए दो छात्रों के केस में अब एक नया मामला सामने आया है। लापता हुए दो छात्रों में से एक अंकित यादव ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है 'गुड बाय- अगर ऊपर वाला चाहेगा तो फिर मिलेंगे' दरअसल इस मामले में स्कूल एडमिस्ट्रेशन ने स्टूडेंटों के हॉस्टल की तलाशी ली जिसमे उन्हें एक लेटर बरामद हुआ है। प्रबंधन ने इस लेटर को पुलिस के हवाले कर दिया है। जिसमें कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं। इस लेटर को पुलिस ने जांच के लिए गोपनीयता के आधार पर अपने पास रख लिया है लेकिन सूत्रों की माने तो इस लेटर में लिखा है कि 'मैं नक्सली बनकर लौटूंगा और सब कुछ खत्म कर दूंगा, जिस दिन मेरे हाथ में गन आई सबसे पहले प्रिंसिपल को गोली मारूंगा'

CCTV को खराब कर निकले थे हॉस्टल से...

CCTV को खराब कर निकले थे हॉस्टल से...

दरअसल वाराणसी के दुर्गाकुंड इलाके के सनबीम एकेडमी ब्रांच में आजमगढ़ के रहने वाले बसंत कुमार सिंह के बेटे सात्विक सिंह और गाजीपुर के रहने वाले ललन यादव के बेटे अंकित यादव एक ही क्लास में साथ में पढ़ते थे। पहले ये दोनों स्टूडेंट स्कूल के सराय नंदन के हॉस्टल में रह रहे थे लेकिन शुक्रवार को आपस में मारपीट करने के बाद प्रिंसिपल ने दोनों को अलग-अलग हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया था। एक को सराय नंदन और दूसरे को दुर्गाकुंड के ब्रहमानगर हॉस्टल रखा गया था। हॉस्टल के चीफ वॉर्डन ने बताया कि दोनों छात्र सोमवार की भोर से लापता हुए हैं। इसकी जानकारी तब हुई जब रोजाना की तरह सुबह हॉस्टल की अटेंडेंस की जा रही थी। यही नहीं हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तकनीकी रूप से डिस्टर्ब कर दोनों वहां से निकल गए।

अंकित ने लेटर में मां-बाप को कहा दोषी

अंकित ने लेटर में मां-बाप को कहा दोषी

यही नहीं हॉस्टल के कमरे में बरामद हुए 4 पेज लेटर में अंकित यादव ने अपने माता पिता को भी दोषी बताते हुए लिखा है। एलकेजी से मुझे इन्होंने हॉस्टल में डाल दिया, कभी ये सोचा की ये कैसे रहता होगा, कभी मेरा हाल चाल लेने आए। 12 सालों में मुझे कितनी बार देखने आए बताइए, मम्मी और पापा आप लोग भी मुझे ढूंढने की कोशिश मत करिएगा, मुझे नहीं पता की मैं कहां जा रहा हूं।

कई लोगों को जानता हूं छत्तीसगढ़ में...

कई लोगों को जानता हूं छत्तीसगढ़ में...

अंकित ने अपने लेटर में स्कूल और प्र‍िंसि‍पल के बारे में लिखा, नक्सली बनकर लौटूंगा। स्कूल वालों तुम फेल करने की बात करते हो। मुझे आने दो सबकुछ खत्म कर दूंगा। जिस दिन हाथ में गन आई प्रिंसिपल का मरना तय है। छत्तीसगढ़ की कई जगहों को जानता हूं, गालियां लिखते हुए अंकित ने कहा- 10 दिन रुको बताता हूं, याद रखना छोटी चिंगारी बड़ी आग लगा देती है। मैं हॉस्टल की छत से कूदने वाला नहीं बल्कि तुम्हें सुलाने वाला हूं। वहीं इस मामले पर भेलूपुर इंस्पेक्टर अशेष नाथ सिंह ने लेटर की जानकारी होने से इनकार कर दिया है लेकिन स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर रघुराज ने बताया कि लेटर हॉस्टल के कमरे से मिला था, जो प्रिंसिपल को दे दिया गया है।

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