मेरठ: गरीब किसान के बेटे पर 2 करोड़ खर्च कर पढ़ाएगा अमेरिका का फेमस कॉलेज
मेरठ। यूपी में मेरठ के गरीब किसान के बेटे को दुनियाभर में प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक अमेरिका के वेलेस्ले कॉलेज में एडमिशन मिला है। इस कॉलेज में चार साल के कोर्स के दौरान निश्चल पर 2 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस खर्च को कॉलेज उठाएगा। निश्चल मेरठ इलाके के गांव नेक के किसान पवन भारद्वाज का बेटा है और बारहवीं पास करने के बाद उसको अमेरिका के फेमस कॉलेज में अपनी प्रतिभा के दम पर दाखिला मिला है।

निश्चल के पिता हैं गरीब किसान
मेरठ के किसान पवन भारद्वाज के पास महज तीन बीघा जमीन है और सालाना आमदनी एक लाख रुपए से कम है। उनके परिवार में पत्नी अभिलाषा हैं और एक बेटा व दो बेटियां हैं। घर चलाने के लिए पवन एक मेडिकल स्टोर में छोटी-मोटी नौकरी करते हैं तब जाकर गृहस्थी किसी तरह चल पाती है। इसी से उन्होंने बेटे-बेटियों को पढ़ाया। ऐसे में उनके बेटे निश्चल को अमेरिका के प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।

शिक्षा के संस्कार की बदौलत पहुंचा वेलेस्ले कॉलेज
इस उपलब्धि को निश्चल ने अपनी मेहनत के बल पर हासिल की है। निश्चल के पिता को उनके पिता यानी निश्चल के दादा ने पढ़ाया था। निश्चल के दादा पढ़े-लिखे नहीं थे लेकिन पढ़ाई के महत्व को समझते थे। उन्होंने अपने बेटे पवन को पढ़ाया। पवन ने फिर अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। पवन अपनी बेटियों को भी अच्छी शिक्षा दे रहे हैं।

शिव नाडर फाउंंडेशन ने दिलाया मुकाम
निश्चल के घर में शिक्षा के महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि उसकी मां ने भी उसके साथ 12वीं की परीक्षा पास की। निश्चल शिव नाडर फाउंडेशन के बोर्डिंग स्कूल से पढ़ा है जहां उन 200 प्रतिभाशाली बच्चों को एंट्रेस एग्जाम के जरिए चुना जाता है जिनके परिवार की सालाना आय एक लाख से कम हो। इस परीक्षा में पांचवीं क्लास के बच्चे भाग लेते हैं। बोर्डिंग स्कूल के खर्च पर बच्चों को उच्चस्तरीय इंग्लिश मीडियम में छठी से बारहवीं क्लास तक की शिक्षा दी जाती है। इसके बाद उनको दुनियाभर के कॉलेजों में स्कॉलरशिप के लिए टेस्ट दिलाया जाता है। इसी परीक्षा में निश्चल ने सफलता हासिल की और उसको वेलेस्ले कॉलेज में दाखिल मिल गया। निश्चल की इस उपलब्धि पर उसके परिवार को ही नहीं, पूरे गांव को गर्व हो रहा है।












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