'दो टके के आतंकवादी, मेरी बहू से बोले की मोदी को बता देना', शुभम के पिता ने की ऐसी मांग, Video कर देगा भावुक
kanpur Shubham dwivedi News: पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के 30 साल के शुभम द्विवेदी का आज गुरुवार 24 अप्रैल को अंतिम संस्कार किया जाना है। बुधवार रात लगभग 2 बजे शुभम का शव पैतृक आवास हाथीपुर गांव पहुंचा। शुभम द्विवेदी का शव घर आते ही हर तरफ चीखपुकार सुनाई देने लगी। परिवार वालों ने किसी तरह से शुभम के माता-पिता और बहू को संभाला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां यहां श्रद्धांजलि देने और परिवार से मिलने पहुंच गए हैं। इस दौरान शुभम के पिता संजय द्विवेदी का एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। जिसमें वो आतंकियों को 'दो टके' का कह रहे हैं।
सीएम योगी ने शुभम के पिता और उनकी पत्नी को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा है कि आतंकवाद के ताबूत पर अंतिम कील गाड़ने का काम शुरू हो चुका है। शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने कहा, ''ये दो टके के आतंकवादी भारत सरकार को खुला चैलेंज कर रहे हैं। मेरी बहू को बोलते हैं कि हम तुझे नहीं मार रहे हैं...जाकर मोदी को बता दो...इनके खिलाफ सरकार को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि उनकी सात पुश्तें किसी को मारने की हिम्मत न कर सकें..."

पत्नी एशान्या का दर्द देख, पिघला लोगों का कलेजा
शुभम की पत्नी 27 साल की पत्नी एशान्या की हालत देख, वहां मौजूद लोगों को कलेजा फट गया है। वो बार-बार रोते हुए कहती हैं, आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए और तड़पा-तड़पा कर मारना चाहिए।
पत्नी एशान्या ने कहा,
''हादसे से कुछ दिन पहले, मैं और शुभम मैगी खाने जा रहे थे। इसी दौरान एक आदमी पीछे आया और उसने बंदूक साइड में रखकर शुभम से पूछा कि क्या आप हिंदू हो या मुसलमान? फिर उसके बाद कहा कि 'अगर आप मुसलमान हो तो पहले कलमा पढ़कर दिखाओ...' हमने उसके बाद हंसते हुए पूछा क्यों क्या हुआ भइया? तो उसने पूछा- बताओ हिंदू हो या मुसलमान? मेरे पति ने कहा- हिंदू हूं। इसके बाद उसने मेरे पति को गोली मार दी। पहले शुभम को मारा, फिर बाकी लोगों को भी गोली मार दी।''
शुभम और एशान्या की 12 फरवरी को हुई थी शादी
बिजनेसमैन शुभम और एशान्या ने इस साल 12 फरवरी 2025 को शादी की थी। ये शादी के बाद यह उनकी पहली यात्रा थी। वो नई जिंदगी की शुरुआत करने कश्मीर गए थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी जिंदगी ही खत्म हो गई।
17 अप्रैल की सुबह परिवार पहलगाम पहुंचा था। शुभम के माता-पिता, सीमेंट व्यापारी 52 वर्षीय संजय द्विवेदी और 50 वर्षीय सीमा द्विवेदी घटनास्थल के प्रवेश द्वार के पास खड़े थे, जबकि एशान्या गोलीबारी से कुछ क्षण पहले ही अपने पति के पास गई थी। शुभम की छोटी बहन शांभवी गोली लगने के समय उसके बगल में बैठी थी।
एशान्या ने कहा, "मैं चिल्लाई...उसके पास पहुंचने की कोशिश की, लेकिन मम्मी-पापा ने मुझे वापस खींच लिया। अचानक, चारों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। जब हम वापस लौटे, तो सैनिक आ चुके थे। शुभम वहीं पड़ा था। चला गया था।"












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