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    चुनाव में अखिलेश के लिए मोदी से बड़ा खतरा बनेंगे शिवपाल, ऐसा रचा गया है चक्रव्यूह

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    इलाहाबाद। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले शिवपाल सिंह यादव का नई पार्टी बनाना अखिलेश यादव के लिए खतरे की घंटी बन सकता है। शिवपाल यादव पूरे प्रदेश में इस तहर की प्लानिंग बना रहे हैं कि वह चुनाव जीतें या नहीं लेकिन अखिलेश को एक बड़ा राजनीतिक नुकसान जरुर हो। इसके लिए शिवपाल यादव पूर्वांचल के दौरे पर निकलेंगे और अपने पुराने साथियों को पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे।

    सपाई थाम सकते है सेक्युलर मोर्चा का दामन

    सपाई थाम सकते है सेक्युलर मोर्चा का दामन

    माना जा रहा हैं कि समाजवादी पार्टी से नाराज नेता अब 'समाजवादी सेक्युलर मोर्चा' का दामन थाम सकते है। हालांकि पार्टी के नेता अभी कोई जल्दी बाजी नहीं करना चाहते। इसलिए वे शिवपाल सिंह यादव के आदेश का इंतजार कर रहा है। संभावना जाताई जा रही है कि शिवपाल यादव के करीबियों में कई बड़े नाम इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट आदि जिलों में सपा की राजनीति की राजनैतिक धुरी का हिस्सा है। ऐसे में उनका मोर्चे के साथ आ जाना सपा के लिए नुकसानदायक साबित होगा। वहीं, समाजवादी सेक्युलर मोर्चा को फायदा मिल सकता है। यूपी की राजनीति में जल्द ही शिवपाल यादव अपने मोर्चे के सहारे नया चक्रव्यू रचेंगे, जिसकी भंवर से हर दल को नफा नुकसान होना तय है।

    यह ले सकते है सदस्यता

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    संभावनाएं जताई जा रही है कि इलाहाबाद के कद्दावर नेता शिवपूजन यादव, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री श्रीप्रकाश राय, रमण परिवार, एसएन सिंह, बाहुबली अतीक अहमद, रेखा सिंह, कुंदन यादव, पंधारी यादव जैसे बड़े नाम मोर्चा का हिस्सा बन सकते है। इसके अलावा शिवपाल सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के नाम से एक सक्रिय संगठन भी लगातार शिवपाल यादव के लिए काम कर रहा है। जो अब गेम चेंजर की भूमिका निभायेगा। क्योंकि अभी इस संगठन का अस्तित्व सपा के सहारे था। लेकिन, अब इसे भी अपनी राजनीतिक हसरत पूरी करने के लिए खुला आसमान मिलेगा।

    अंदर-अंदर चल रही है तैयारी

    अंदर-अंदर चल रही है तैयारी

    सपा के कई वरिष्ठ नेता पहले से ही अखिलेश के अध्यक्ष बन जाने के बाद पार्टी से सामंजस्य नहीं बिठा पा रहे हैं। ऊपर से उन्हें शिवपाल समर्थक होने के कारण हाशिए पर डाल दिया गया था। ऐसे में शिवपाल यादव का खुलकर सामने आ जाना और राजनीतिक पार्टी का गठन करना अब इन सब के लिए एक बड़ा मौका है। हालांकि सपा छोडकर आना और अपने राजनीतिक अस्तित्व को एकाएक खड़ा कर पाना सभी को संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में कुछ नेता अभी भी सुरक्षित भविष्य की उम्मीद के साथ जांच परख कर ही आगे बढ़ने का प्लान कर रहे हैं। हालांकि शिवपाल के लगभग हर समर्थक की तैयारी अंदर ही अंदर चल रही है और जल्द ही बड़ी संख्या में सपा के कई बड़े नेताओं का मोर्चा में आने का क्रम दिखने लगेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि पूर्व में सपा छोड़कर दूसरे दलों में जा चुके पुराने सपा नेताओं की भी वापसी शिवपाल यादव अपने सेकुलर मोर्चे में करा सकते हैं।

    सपा देख रही नफा-नुक्सान

    सपा देख रही नफा-नुक्सान

    समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के गठन के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अंदर हलचल मच गई है। शिवपाल यादव के अलग होने की वजह से समाजवादी पार्टी अब नफा-नुकसान होगा इसका आकलन करने में लगी हुई है। यह जानकारी भी तैयार कराई जा रही है कि कौन सा नेता सपा छोड़कर सेक्युलर मोर्चा में जा सकता है। संभव है कि पुख्ता जानकारी होने पर उन्हें सपा से निकाला भी जा सकता है।

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    English summary
    Shivpal will become a bigger threat to Akhilesh then Modi in elections
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