CM योगी से मिलने गए सैकड़ों शिक्षामित्र गिरफ्तार, अंतिम सांस तक लड़ने की दी चेतावनी

इलाहाबाद। अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों ने आज इलाहाबाद में जमकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन इलाहाबाद आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिये था। उनसे मिलने के लिए अड़े शिक्षामित्रों को जब पुलिस ने बैरहना पुल के पास ही रोक दिया तो शिक्षामित्र बिफर पड़े और सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। शिक्षामित्रों ने सड़क पर लेट कर रास्ता भी बंद करने दिया और जेल भरो आंदोलन का आवाह्न करते हुये अपनी गिरफ्तारी दी। पुलिस ने सैकड़ों की संख्या में रहे शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर मौके से हटाया और रास्ता साफ कराया। सभी शिक्षामित्रों को इलाहाबाद पुलिस लाइन में रखा गया है। जहां देर शाम तक उन पर कार्रवाई की रणनीति बनाई जाती रही। बता दें कि सीएम योगी आज इलाहाबाद के दौरे पर थे। शिक्षामित्रों ने अपने हाथ में स्लोगन लिखे तख्ती बैनर भी साथ लिया था जिसमें योगी सरकार के वादो और बातों का जिक्र किया गया था।

उन्नाव में भी प्रदर्शन

उन्नाव में भी प्रदर्शन

उधर यूपी के उन्नाव में आंदोलित शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली। धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने बीएसए ऑफिस में ताला डालकर बेसिक शिक्षा कार्यालय के साजिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का काम भी ठप कर दिया। धरना प्रदर्शन के अंत में आक्रोशित शिक्षकों ने भगवा धारण किए पुतले को आग के हवाले कर जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर बीएसए ऑफिस परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद थी।

शिक्षामित्रों ने 10 हजार मानदेय को झुनझुना बताया

शिक्षामित्रों ने 10 हजार मानदेय को झुनझुना बताया

धरने को संबोधित करते हुए आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द हो जाने के बाद सरकार और संगठन के बीच कई बार बातचीत हुई। परंतु वार्ता पूरी तरह विफल रही। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार संगठन ने दो बार सरकार को शिक्षामित्रों के हित में कदम उठाने के लिए समय भी प्रदान किया। परंतु सरकार ने हठधर्मिता और तानाशाही अपनाते हुए उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन को संज्ञान में नहीं लिया। उन्होंने शासन पर संगठन को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। श्री सिंह ने कहा कि ₹10000 मानदेय का जो निर्णय लिया गया है। यह निर्णय संगठन के पूर्व में दिए गए मांग पत्र के अनुरूप नहीं है। वह लोग इसका विरोध करते हैं। उन्होंने प्रदेश शासन को मांग पत्रों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगना पूरी ना होने पर होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के घटने की जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। अजय प्रताप सिंह ने कहा कि वह लोग प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए ₹10000 के झुनझुना को स्वीकार नहीं करेंगे।

भीख नहीं, सम्मान चाहिए

भीख नहीं, सम्मान चाहिए

प्रदर्शन के अंत में आंदोलित शिक्षकों ने भगवा वस्त्र धारण किए पुतले को आग के हवाले किया। इस मौके पर जमकर नारेबाजी की गई। शिक्षकों के नारेबाजी में प्रदेश के साथ केंद्र को भी निशाने पर लिया गया। योगी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी। भीख नहीं सम्मान चाहिए, शिक्षक पूरा नाम चाहिए।

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