शामली: ये छोरियां भी नहीं हैं छोरों से कम, एक झटके में चटा देती हैं 'दुश्मन' को धूल
शामली। जिस प्रकार हरियाणा की गीता और बबीता ने रूढ़िवादी परंपराओं की बेड़ियों को तोड़कर कुश्ती को अपना जुनून बनाया और देश-दुनिया में नाम कमाया। उसी तर्ज पर शामली जिले के गांव हसनपुर लुहारी की दंगल गर्ल दो बहनें शगुन और वेदी चल रही हैं। गीता और बबीता फोगाट उनकी आदर्श हैं। दंगल फिल्म देखकर प्रेरित हुए उनके पिता अमित सैनी ने अपनी दोनों बेटियों को पहलवान बनाने की ठानी। एक बहन तो कई दंगल में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी है, जबकि दूसरी तैयारी कर रही है।

हसनपुर लुहारी गांव की रहने वाली हैं बच्चियां
दरअसल जनपद शामली के थाना भवन थाना क्षेत्र के अमित सैनी ने आमिर खान की एक साल पहले आई दंगल मूवी को देखकर उससे प्रेरित होकर अपनी बेटियों को भी गीता और बबीता फोगाट की तरह पहलवान बनाने की ठानी।
खास बात यह है कि हसनपुर लुहारी गांव निवासी इन दोनों लड़कियों ने कम उम्र में ही पहलवान बनने की ठान ली। शगुन की उम्र 11 वर्ष है, जबकि वेदी आठ साल है। शगुन और वेदी के पिता अमित सैनी ने बताया कि उन्होंने जब दंगल फिल्म देखी और उसमें महावीर सिंह फोगाट का किरदार निभा रहे आमिर खान का डायलॉग म्हारी छोरियां छोरो से कम हैं के, सुनकर प्रेरणा मिली कि मेरी बेटियां भी गीता और बबीता की तरह पहलवान बन सकती हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को नियमित अभ्यास कराना शुरू कर दिया।

दंगल मूवी से प्रेरित है बच्चियों के पिता
मासूम पहलवान शगुन ने बताया कि एक साल हुआ होगा दंगल मूवी आई थी। उसमे गीता बबीता के पापा है। वो बालते है। कि म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं मैने सोचा कि हम भी लडकों से कम नहीं हैं। हम भी प्रैक्टिस करेंगे रेसलेर बनेगें। हमें प्रैक्टिस करते हुए 4-5 महीने हो गए हैं। हमारे घर वाले, मेरे पापा हमारा हमेशा से साथ दे रहे हैं। हम अपने गांव व माता-पिता, स्कूल और जिले का नाम रोशन करना चहाते है। हम तीन बहने हैं और हम दो पहलवानी कर रही हैं। अगर तीसरी बहन भी कहेगी तो पापा उसे भी करवाएंगे।

गांव में आयोजित हुए दंगल में हमउम्र पुरुष पहलवानों को चटाई धूल
थानाभवन के गांव हसनपुर लुहारी में 12 से 15 अप्रैल तक दंगल का आयोजन हो रहा है। जिसमें आसपास क्षेत्र के पहलवान हिस्सा ले रहे है। खास बात यह है कि दंगल में अमित की बेटी शगुन और वेदी भी अपनी उम्र के पहलवान के साथ हिस्सा लिया। गांव हसनपुर लुहारी स्थित श्रीराम मंदिर ग्राउंड पर 12 वर्षीय शगुन पहलवान का मुकाबला अपने से ज्यादा अनुभवी लड़के पहलवान छुटमलपुर के विकास के साथ हुआ। शगुन ने अपने से ज्यादा अनुभव होने के बावजूद विकास को एक मिनट 30 सेकेंड तक चले रोमांचक मुकाबले में धूल चटा दी। इससे पहले वेदी ने भी अपने मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। प्रतियोगिता में मुकाबला हसनपुर लुहारी की वेदी व कादरगढ़ की प्यारला के बीच खेला गया। इस मैच में वेदी ने महज 30 सेकेंड में प्यारला को हराकर मुकाबला अपने नाम किया।

पिता ने क्या बताया
पहलवान शगुन व वेदी के पिता ने बताया कि 4-5 महीने से ये बच्ची प्रैक्टिस कर रही हैं। एक मीहने की प्रैक्टिस के बाद बच्चियों का उस्ताद इन्हें गंगोह लेकर गया था। वहां शगुन ने कुश्ती लड़ी फिर चरथावल कस्बे मे शगुन को बराबरी पर छोड़ दिया गया। 12 तारीख से हमारे यहाँ दंगल हो रहा है। कल शगुन ने एक छुटमलपुर के अपने से सीनियर लड़के को कुश्ती मे हराया और आज एक लड़की को हराया है। मैं ये चहाता हूँ कि मेरी बेटिया अंतरराष्ट्रीय खेलें और देश का नाम रोशन करें। अपने क्षेत्र का नाम रोशन करे मै तो अपने बच्चो से ये ही उम्मीद रखता हूँ।

क्या कहना है कोच का
वहीं रेसलर बहनों के उस्ताद अहसान हाशमी ने बताया कि दोनों बहने बहुत मेहनत कर रही हैंऔर एक दिन जरूर देश का नाम रोशन करेंगी। अब इन बच्चियों की जिंदगी बदल गई है। पहले जो ये सुबह सात बजे जागती थी अब प्रैक्टिस करने के लिए अला सुबह चार बजे जाग जाती हैं। 4-5 महीने से कुश्ती का अभ्यास कर रही हैं। सुबह चार बजे जागने के बाद दौड़ लगाती हैं। इसके बाद अखाड़े में अभ्यास करती हैं। दोनों बहनों में पहलवान बनने की अच्छी ललक है और वह खूब अभ्यास भी कर रही हैं।
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