• search

रिटायरमेंट के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी ना मिलने से नाराज बाबू ने काट ली हाथ की नस

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    शाहजहाँपुर। शाहजहांपुर के बेसिक शिक्षा विभाग में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब एक रिटायर्ड बाबू ने अपने हाथ की नस काट ली। हाथ की नस कटने से बाबू लहूलुहान हो गया। बाबू की हालत देखकर कार्यालय के लोग भी सकते में आ गए। रिटायर्ड बाबू पेंशन ना बनने और जीपीएफ का पैसा ना मिलने से नाराज था। फिलहाल घायल हालत में बाबू को जिला अस्पताल ले जाया गया है।

    ब्लेड से काटी बायें हाथ की नस

    ब्लेड से काटी बायें हाथ की नस

    दरअसल सुशील त्रिवेदी नाम का रिटायर्ड बाबू अचानक अकाउन्ट सेक्शन में पहुंचा और जाते ही उसने ब्लेड से अपने बायें हाथ की नस काट ली। हाथ की नस कटते ही तेजी से खून बहने लगा। रिटायर्ड बाबू की हालत देखकर बीएसए दफ्तर में हड़कम्प मच गया। रिटायर्ड बाबू शराब के नशें में था जिसने अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर गालियां दीं।

     अस्पताल में भर्ती

    अस्पताल में भर्ती

    सूचना के बाद मौके पर पहुंचीं पुलिस ने घायल बाबू को अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड बाबू पिछले कई दिनो से ऑफिस के चक्कर लगा रहा था। सुशील नाम का बाबू जनवरी में रिटायर हुआ था और उसकी पेंशन नहीं मिल रही थी ना ही उसका जीपीएफ का पैसा मिला था। इसी बात से नाराज होकर उसने अपनी नस काट ली।

    बीएसए ने बताया, उनके पास नहीं पहुंचे बाबू के कागज

    बीएसए ने बताया, उनके पास नहीं पहुंचे बाबू के कागज

    बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि रिटायर्ड बाबू ने ऑफिस मे आकर नस काट ली है। उसका जीपीएफ और पेंशन का पैसा नहीं मिल पाया है लेकिन उसके जीपीएफ और पेंशन के कागज मेरे आफिस में नहीं आए हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

    ये भी पढ़ें- यूपी बोर्ड के 10 टॉपर्स की कॉपी वेबसाइट पर की जाएंगी अपलोड, छात्र ले सकेंगे प्रेरणा

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    shahjahanpur ex clerk cut his nerv after not getting his pension

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more