Ram Mandir: अयोध्या में 'राम मंदिर' से यूपी पर 'बरसेगा' पैसा, SBI रिसर्च रिपोर्ट में बड़ा दावा
SBI Research Report: अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को हो चुकी है। 23 जनवरी को जब पहली बार आम लोगों के लिए मंदिर खुला तो नजारा देखने लायक था। रामभक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है, जो तीसरे दिन (24 जनवरी) भी जारी है। मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के दूसरे दिन करीब 5 लाख भक्तों ने रामलला के दर्शन किए हैं।
इसी के साथ तीसरे दिन भी भक्तों की भीड़ की रफ्तार नहीं थम रही है। राम लला के दर्शनों के लिए बड़ी तादाद में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से राम मंदिर उत्तर प्रदेश का भाग्य बदलने वाला है, जिसको लेकर एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है।

राम भगवान की 'कृपा' बरसेगी
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद उत्तर प्रदेश का तस्वीर बदलने वाली है। राम भगवान की कृपा अब योगी सरकार पर इस तरह से बरसेगी कि यूपी 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का अमीर हो जाएगा। और यह दावा किया है एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट ने।
राम मंदिर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। उद्घाटन के बाद अयोध्या में भक्तों की भारी आमद से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
5 हजार करोड़ तक का होगा टैक्स कलेक्शन!
हाल ही में एसबीआई रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि राम मंदिर और अन्य पर्यटन-केंद्रित पहलों के कारण यूपी में 2024-25 में 5,000 करोड़ रुपए तक का टैक्स कलेक्शन होने की उम्मीद है। इसमें अयोध्या सबसे बड़ा और अहम फैक्टर साबित होगा।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पर्यटन में अनुमानित वृद्धि के साथ उत्तर प्रदेश इस साल करीब 4 लाख करोड़ रुपए और अमीर हो जाएगा।
सालाना 5 करोड़ भक्तों की उम्मीद
विदेशी स्टॉक मार्केट रिसर्च फर्म जेफरीज का दावा है कि विजिटर्स की संख्या के मामले में अयोध्या वेटिकन सिटी और मक्का को पीछे छोड़ देगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अयोध्या में सालाना लगभग 5 करोड़ भक्तों के आने की उम्मीद है, जो कि ना सिर्फ यूपी के अंदर बल्कि भारत में भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन जाएगा।
वार्षिक राजस्व में होगी बढ़ोतरी
इसके साथ ही अयोध्या के सालाना राजस्व में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। बता दें कि आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी हर साल 2.5 करोड़ भक्त आते हैं और 1,200 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व होता है। जबकि वैष्णो देवी में सालाना 80 लाख श्रद्धालु आते हैं और 500 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व प्राप्त होता है। आगरा में ताज महल सालाना 70 लाख पर्यटकों को आकर्षित करता है, जिससे 100 करोड़ रुपये का राजस्व होता है, जबकि आगरा किला में 30 लाख पर्यटक आते हैं, जिससे 27.5 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व होता है।












Click it and Unblock the Notifications