Satyendra Das Controversy: रामलला की मूर्ती को बचाने वाले पुजारी सत्येंद्र दास का विवादों से गहरा नाता? जानें
Satyendra Das Controversy: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास (Ram Temple Pujari Acharya Satyendra Das) ने 85 साल की उम्र में लखनऊ पीजीआई में अंतिम सांस ली। तीन फरवरी 2025 को ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें लखनऊ (Lucknow)रेफर कर दिया गया था तब से डॉक्टर्स की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। सत्येंद्र दास राम जन्मभूमि में 34 साल से बतौर मुख्य पुजारी अपनी सेवाएं दे रहे थे।
राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने 34 साल तक रामलला की सेवा की थी। इस दौरान उन्होंने समय-समय पर कई मुद्दों पर अपने विचार दिए, जो कभी-कभी विवाद का कारण बने हैं। आइए जानें...

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर प्रतिक्रिया (जून 2024): जब आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने एक बयान में कहा था कि जो लोग अहंकारी थे, उन्हें भगवान राम ने 241 पर रोक दिया। इंद्रेश कुमार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इंद्रेश कुमार अपनी विफलता को छुपाने के लिए बीजेपी पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमी बीजेपी में नहीं, बल्कि इंद्रेश जी की कोशिश में है।
बाबरी विध्वंस के दौरान उपस्थिति (दिसंबर 1992): आचार्य सत्येंद्र दास ने बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान रामलला की मुर्ती को बचाया था। आचार्य सत्येंद्र दास ने बाबरी मस्जिद विध्वंस के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि वह उस समय वहीं मौजूद थे और रामलला को बचाने में लगे हुए थे। आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया था कि कैसे 6 दिसंबर को उन्होंने रामलला की मूर्ती को विध्वंस से बचाया था। जब उत्साहित कार सेवक विवादित ढांचे को तोड़ने लगे थे उस समय मैने भोगलगाकर रामलला का पर्दा बंद कर दिया था।
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रामलला की नई पुरानी मुर्तियों का विवाद: अयोध्या में राम मंदिर स्थापना के समय कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने नई मूर्तियों को लेकर सवाल किया था। उन्होंने कहा था कि, राम मंदिर के लिए नई मूर्तियां बनवाने की क्या जरूरत आ पड़ी? रामलला की मुख्य मूर्ति कहां है? दिग्विजय सिंह के इन सवालों पुजारी सत्येंद्र दास ने जवाब देते हुए कहा था कि, 20 गज की दूरी से पुरानी मूर्तियों का दर्शन कर पाना मुश्किल है। इस पर किसी तरह की कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
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