सरधना विधानसभा सीट: विपक्ष के जाल में फंसी बीजेपी लगा पाएगी जीत की हैट्रिक ?
लखनऊ, 31 जनवरी: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अब अपने पूरे चरम पर पहुंचता जा रहा है। आज हम बात कर रहे हैं पहले कांग्रेस और अब बीजेपी के लिए मुफीद सरधना विधानसभा सीट की। इस सीट पर इस बार जंग काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है। बीजेपी के फायर ब्रांड विधायक संगीत सोम जीत की हैट्रिक लगाएंगे या फिर एसपी और आरएलडी के गठबंधन प्रत्याशी अतुल प्रधान बाजी मारेंगे। वहीं यह भी देखना रोचक होगा कि कांग्रेस के हाथ को लोगों का कितना साथ मिलता है। बीएसपी ने यहां से संजीव धामा तो कांग्रेस ने रिहानुदीन को मैदान में उतारा है।

साराधन विधानसभा सीट पर आजादी के बाद से लगातार चार कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव जीते। भाजपा ने भी इस सीट पर 6 बार जीत हासिल की है। लगातार दो बार से bjp की नेता संगीत सोम इस सीट से चुनाव जीत रहे हैं। 1952 में पहली बार कांग्रेस के फतेह राणा इस सीट से विधायक बने। 1957 में फिर कांग्रेस जीती। इसके बाद 1962, 67 और 71 में भी कांग्रेस का उम्मीदवार ही यहां से चुनाव जीता। इसके बाद 1974 में बीकेडी और 1977 में जनता पार्टी की जीत हुई।अभी तक सपा एक बार भी इस सीट पर चुनाव नहीं जीत पाई है।
मुजफ्फर नगर दंगे के आरोपों से चर्चा में आए संगीत सोम को इस बार अतुल प्रधान से कड़ी टक्कर मिल रही है। संगीत सोम के हिंदूवादी चेहरे के बल पर बीजेपी को इस सीट पर ध्रुवीकरण की उम्मीद है। अतुल प्रधान पिछले दो चुनावों से इस सीट पर सपा के प्रत्याशी के तौर पर दूसरे नंबर पर रहे हैं। इस बार वह सपा और आरएलडी के गठबंधन के प्रत्याशी हैं। हालाकि स्थानीय लोगोंके दावे अलग अलग ही हैं।
बीजेपी प्रत्याशी संगीत सोम कहते हैं कि, मेरे समय में इस इलाके का चौतरफा विकास हुआ है। इस विधानसभा में बुनियादी ढांचे को मजबूती दें के लिए काम हुआ है। सबका साथ मिलने से सबका विकास हुआ है। वहीं सपा आरएलडी प्रत्याशी अतुल प्रधान इस दावे को नकारते हुए कहते हैं , इस इलाके में कोई काम नहीं हुआ है। अपराध में इजाफा हुआ है और सौहार्द बिगड़ा है। दावे ज्यादा हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है।
क्या कहते हैं जातीय आंकड़े और पिछला रिकार्ड
सरधना विधान सीट पर जातीय आंकड़े की बात करें तो इस पर मुस्लिम मतदाताओं की तादाद सबसे ज्यादा है। इस सीट पर 95 हजार मुस्लिम हैं जो यदि एकजुट हुए तो बीजेपी के लिए मुस्किल हो सकती है। मुस्लिम के अलावा जाटव 52 हजार, ठाकुर 43 हजार, सैनी 40 हजार, गुर्जर 35 हजार और जाटों की लगभग 32 हजार हैं। इसके अलावा यदि पिछले आंकड़े की बात करें तो बीजेपी उम्मीदवार संगीत सोम को 97, 921 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अतुल प्रधान को 76, 296 मत मिले थे। बीएसपी के हाफिज याकूब 57 हजार और आरएलडी के वकील चौधरी को लगभग 4 हजार वोट मिले थे।












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