Sambhal: जामा मस्जिद सर्वे के बाद तनाव, 4 मौतें, 25 गिरफ्तारियां, सपा MP बर्क पर 'भड़काऊ कृत्य' के आरोप
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 16वीं सदी की जामा मस्जिद का सर्वेक्षण कराने के न्यायालय के आदेश के बाद भड़की हिंसा ने शहर में भारी तनाव पैदा कर दिया। इस हिंसा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 पुलिसकर्मियों समेत कई घायल हुए। मामले में 25 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसके साथ ही सियासी आरोपप्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। वहीं, संभल हिंसा को लेकर पुलिस का कहना है कि सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने 'भड़काऊ कृत्य' किए हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
- 19 नवंबर को न्यायालय ने जामा मस्जिद का सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया। एक याचिका में दावा किया गया कि मस्जिद की जगह पर पहले हरिहर मंदिर था। इस आदेश के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने लगा।
हिंसा कब और कैसे भड़की?:
- 24 नवंबर 2024 को प्रदर्शनकारियों का बड़ा समूह मस्जिद के पास इकट्ठा हुआ। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
- प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी और पथराव किया।
- इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। सोमवार को एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
क्या हुई प्रशासन की कार्रवाई?
कड़े कदम उठाए गए:
- जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई और 30 नवंबर तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
- संभल तहसील में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई।
- जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है।
गिरफ्तारियां और FIR:
- पुलिस ने 25 लोगों को गिरफ्तार किया और 7 एफआईआर दर्ज की हैं।
- 2,750 अज्ञात लोगों को भी हिंसा में नामजद किया गया है।
राजनीतिक विवाद
विपक्ष के आरोप:
- समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया।
- कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भाजपा पर समाज को बांटने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
सपा नेताओं के खिलाफ FIR:
- सपा सांसद जियाउररहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ भड़काऊ गतिविधियों के आरोप में मामले दर्ज किए गए।
- संभागीय आयुक्त ने बताया कि सांसद जियाउररहमान के खिलाफ ठोस सबूत हैं।
भाजपा पर विपक्ष के आरोप:
- संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्षी सांसदों ने भाजपा पर सांप्रदायिक विभाजन का आरोप लगाया।
हालात पर नजर
शहर में शांति मार्च:
- पुलिस ने हिंसा प्रभावित इलाकों में शांति मार्च निकाला।
- सिटी क्षेत्र में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।
व्यापार और यातायात:
- 25 नवंबर को कुछ दुकानें खुली और यातायात सामान्य हुआ। हालांकि, मस्जिद के आसपास का इलाका अभी भी सुनसान है।
संभल में जामा मस्जिद सर्वेक्षण को लेकर विवाद ने धार्मिक और राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है। प्रशासन स्थिति को काबू में करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है, लेकिन सियासी बयानबाजी और आरोपप्रत्यारोप ने मामले को और उलझा दिया है।












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