Premanand Maharaj: संभल के CO रहे अनुज चौधरी ACP बनते ही प्रेमानंद जी से मिले, सवाल पर मिला चौंकाने वाला जवाब
Premanand Maharaj News: संभल हिंसा में मोर्चा संभाल कर पुलिस महकमें की नाक ऊंची करने वाले पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी को हाल ही में ACP पद पर प्रमोशन मिला है। संभल के सीओ रहे अनुज चौधरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रमोशन मिलते ही वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज से आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे।
इस मौके पर अनुज चौधरी ने प्रेमानंद महाराज से पुलिस कार्रवाई से जुड़ा कुछ ऐसे सवाल पूछे, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं। इन सवालों और उनके जवाबों ने हर किसी को चौंका दिया है।

गौरतलब है कि वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज के दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिनमें बॉलीवुड हस्तियां, क्रिकेट खिलाड़ी, उच्च अधिकारी और मंत्री भी शामिल होते हैं। अनुज चौधरी का वृंदावन दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा था।
अनुज चौधरी ने प्रेमानंद महाराज से क्या किया सवाल?
पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी ने प्रेमानंद जी महाराज से हत्या के ऐसे मामलों के बारे में पूछा, जहां साक्ष्य उपलब्ध न हों और आरोपी स्वयं को निर्दोष बताता हो। उन्होंने जानना चाहा कि ऐसी स्थिति में पुलिस को क्या कदम उठाने चाहिए ताकि लापरवाही या अन्याय का आरोप न लगे।

प्रेमानंद महाराज ने दिया चौंकाने वाला जवाब
इस प्रश्न के जवाब में, प्रेमानंद जी महाराज ने कहा, "पुलिस को केवल उपलब्ध साक्ष्यों और रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के अंतर्मन की गहराइयों तक नहीं देख सकता, इसलिए साक्ष्य ही कार्यवाही का आधार होने चाहिए।"
प्रेमानंद महाराज ने बताया निर्दोष व्यक्ति कैसे केस में फंस जाता है?
महाराज ने यह भी कहा कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ मामला बनता है, तो यह उस व्यक्ति के पुराने कर्मों का फल हो सकता है। उनके अनुसार, साक्ष्यों के बिना कार्यवाही करना उचित नहीं है, क्योंकि हो सकता है कि व्यक्ति ने वर्तमान अपराध न किया हो, लेकिन यह उसके किसी छिपे हुए पाप का परिणाम हो सकता है।
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कौन हैं अनुज चौधरी?
अनुज चौधरी मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के मूल निवासी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पूर्व पहलवान हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। अनुज चौधरी 1997 से 2014 तक लगातार राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं। उन्होंने नेशनल गेम्स में दो रजत पदक और एशियाई चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए हैं।
- अनुज चौधरी ने 2004 के एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और उन्हें 'शेर-ए-हिंद', 'भारत कुमार', 'उत्तर प्रदेश केसरी' और 'वीर अभिमन्यु' जैसे प्रतिष्ठित खिताबों से नवाजा गया है।
- खेल कोटे से आई सेवाओं में ASP (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) के रूप में पदोन्नति मिली है। अनुज चौधरी इस कोटे से इस पद पर पहुंचने वाले यूपी के पहले पुलिस अधिकारी हैं।
संभल हिंसा के दौरान क्यों सुर्खियां बने थे अनुज चौधरी?
नवंबर 2024 में, शाही जामा मस्जिद में एक अदालत के आदेश पर सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी और 4-5 लोग मारे गए। इस हिंसा के बाद इंटरनेट, स्कूल कॉलेज और बाहरी लोगों का संभल में प्रवेश बंद कर दिया गया था। हिंसा से पहले का अनुज चौधरी का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह उत्तेजित भीड़ को शांत करते दिखे थे और कोर्ट के आदेश को लोगों को समझा रहे थे और सलाह दी थी कि उत्तेजना से लाभ नहीं होगा।
इसके साथ ही पुलिस पर हिंसा को लेकर लग रहे आरोपों पर अनुज चौधरी ने कहा था पुलिस को आत्मरक्षा का अधिकार है और "हम पुलिस में मरने के लिए भर्ती नहीं हुए। ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था और लोगों ने अनुज चौधरी की बात का समर्थन करते हुए उन्हें रियल हीरो कहा था।
होली और जुम्मा पर दिया था ये बयान
इसके अलावा 2024 में होली ओर जुम्मे की नमाज़ एक दिन पड़ी थी तब संभल सीओ अनुज चौधरी ने होली और जुम्मा को जोड़ते हुए दिए गए अपने बयानों के कारण चर्चा में फिर आए थे। उन्होंने कहा था "होली साल में एक बार आती है, जुम्मा 52 बार होता है।" ये बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
इतना ही नहीं नव वर्ष के अवसर पर "किष्किंधा रथयात्रा" में, वे वर्दी में भगवान हनुमान की तरी हाथ में गदा लेकर चलते दिखे। इस पर डीआईजी ने नियमों के उल्लंघन के संदर्भ में जांच के आदेश दिया था।












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