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साउथ अफ्रीका को अपनी 'जेब' में रखने वाले सहारनपुर के गुप्ता ब्रदर्स के ठिकानों पर छापेमारी

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    सहारनपुर। दक्षिण अफ्रीका के प्रसिद्ध उद्योगपति अजय गुप्ता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लगातार उन पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका के बाद अब भारत में भी उनकी संपत्ति को खंगाला जा रहा है। इसी के तहत मंगलवार को अजय गुप्ता और उनके संबंधियों के सात से अधिक ठिकानों पर आयकर विभाग और ईडी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। यह छापेमारी अभी भी जारी है और रिकॉर्ड समेत अन्य दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। बता दें कि हाल ही में साउथ अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को इस्‍तीफा उत्‍तर प्रदेश के सहरानपुर के रहने वाले गुप्‍ता ब्रदर्स की वजह से देना पड़ा था। साउथ अफ्रीका पर गुप्ता भाईयों की ऐसी पकड़ थी कि राष्ट्रपति से लेकर सरकार सब उनके ही इशारों पर चलती थी।

     मेरठ, दिल्ली, नोएडा और देहरादून की आयकर विभाग की टीम ने मारा छापा

    मेरठ, दिल्ली, नोएडा और देहरादून की आयकर विभाग की टीम ने मारा छापा

    मंगलवार की दोपहर गाजियाबाद, मेरठ, दिल्ली, नोएडा और देहरादून की आयकर विभाग की टीम के साथ ही आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारी यहां पर दल बल के साथ पहुंचे। इस टीम के यहां पर आने की कानोकान खबर भी नहीं लग सकी। टीम को सात भागों में विभाजित कर दिया गया और सबसे पहले अजय गुप्ता के रानी बाजार स्थित पुराने आवास पर छापेमारी की गई। इसके बाद टीम ने उन सभी ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई प्रारंभ की, जहां से एनआरआई अजय गुप्ता का संबंध है।

    100 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किए जा रहा शिवधाम मंदिर

    100 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किए जा रहा शिवधाम मंदिर

    अपने पिता स्व. शिव कुमार की याद में 100 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किए जा रहे शिवधाम मंदिर के हकीकत नगर स्थित कार्यालय के अलावा अजय गुप्ता के संबंधी अमर गुप्ता के सब्जी मंडी स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई। इसके अलावा अजय गुप्ता के मिशन कंपाउंड स्थित आवास, गांव सड़क दूधली में बनवाए गए हैलीपैड स्थल और कार्यालय, गांव घुन्ना स्थित कैमिकल फैक्ट्री समेत कुल सात स्थानों पर आर्थिक अपराध शाखा और आयकर विभाग की टीमों द्वारा छापेमारी का कार्य जारी है।

    स्थानीय अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं

    स्थानीय अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं

    सभी सातों स्थानों पर रहने वाले लोगों से न केवल पूछताछ की जा रही है, बल्कि वहां रखे सामान और रिकार्ड आदि की जांच पड़ताल भी की जा रही है। इस बाबत कोई भी स्थानीय अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है, हां इतना जरूर है कि सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित थानों से टीम को पुलिस बल अवश्य उपलब्ध कराया गया है। अजय गुप्ता के सात ठिकानों पर छापेमारी से यहां पर पूरी तरह से हड़कप मचा हुआ है।

    कौन है दक्षिण अफ्रीका की गुप्‍ता फैमिली

    कौन है दक्षिण अफ्रीका की गुप्‍ता फैमिली

    अजय, अतुल और राजेश गुप्‍ता तीनों भाई हैं और ये तीनों भाई उत्‍तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं। अपने पिता शिव कुमार के कहने पर तीनों भाई सन् 1993 में साउथ अफ्रीका आ गए। जोहांसबर्ग में इन तीनों भाईयों ने सहारा कंप्‍यूटर के नाम से अपना बिजनेस शुरू किया और उसके पार्ट्स बनाने की कंपनी शुरू की। देखते ही देखते इनका छोटा सा बिजनेस आगे बढ़ने लगा।

     राज‍नीति पर गुप्‍ता फैमिली का प्रभाव

    राज‍नीति पर गुप्‍ता फैमिली का प्रभाव

    साउथ अफ्रीका की राजनीति में भारत की गुप्‍ता फैमिली का खासा प्रभाव है और इसी प्रभाव की वजह से यहां के राष्‍ट्रपति जैकब जुमा पर कई तरह के आरोप लगते रहते हैं। साल 2016 में जुमा पर आरोप लगा कि गुप्‍ता परिवार ने उन्‍हें सरकार में वित्‍त मंत्री की नियुक्ति के लिए सलाह दी थी। अब राष्‍ट्रपति जुमा ने इस बात से इंकार किया है कि गुप्‍ता परिवार उनकी सरकार में कोई मंत्री नहीं नियुक्‍त करा सकता है।

    ये भी पढ़ें- कौन हैं सहारनपुर के गुप्‍ता ब्रदर्स जिनकी वजह से गई जुमा की कुर्सी

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    English summary
    saharanpur IT raids on many places of gupta brothers

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