Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Sadhvi Prachi कौन हैं? बोलीं-अखिलेश यादव पत्नी का सम्‍मान नहीं बचा पाए, SP सरकार में शंकराचार्य पर चली लाठियां

Who is Sadhvi Prachi: संभल में साध्वी प्राची ने अखिलेश यादव पर शब्दों की तलवार कुछ यूँ चलाई कि राजनीति का तापमान एकदम बढ़ गया। प्रयागराज महाकुंभ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच टकराव पर अखिलेश की टिप्पणियों को उन्होंने "गंदी राजनीति" बता दिया और याद दिलाया कि सपा शासनकाल में शंकराचार्य के साथ लाठी-डंडों की कड़वी कहानी भी रही है। प्राची का तंज साफ था-देश को ड्रामा नहीं, विकास चाहिए, और "देश सुरक्षित हाथों में है, उसे आगे बढ़ने दीजिए।"

चंदौसी में भाजपा नेता मुकेश सोम के आवास पर बोलते हुए साध्वी प्राची ने सपा पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप जड़ा और धर्मांतरण व 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों को लेकर सपा की नीतियों पर निशाना साधा। उनका कहना था कि ये सवाल हवा में नहीं उठते, इनके पीछे राजनीतिक फैसलों की परछाइयां होती हैं-और जवाबदेही भी वहीं तय होनी चाहिए।

Sadhvi Prachi

सपा सरकार में शंकराचार्य को लाठी-डंडो से पीटा गया

आखिर में प्राची ने इतिहास की फाइल भी खोल दी-मुलायम सिंह यादव के दौर में अयोध्या की घटना का जिक्र करते हुए कहा समाजवादी पार्टी की सरकार में शंकराचार्य को लाठी-डंडो से पीटा गया। निजी टिप्पणी का हवाला देकर उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि कटाक्ष छोड़िए, विकास पर ध्यान दीजिए-क्योंकि उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश भी "सुरक्षित हाथों" में आगे बढ़ रहा है।

कौन हैं साध्‍वी प्राची?

साध्वी प्राची एक हिंदू राष्ट्रवादी और धार्मिक वक्ता हैं, जो अपने विवादित और तीखे बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। साध्वी प्राची का मूल नाम प्राची आर्य है, इनका उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिरसली गांव में एक निम्न-मध्यम वर्गीय कोली परिवार में हुआ था। इनके पबता हरबीर सिंह आर्य और मां विद्योतमा आर्या है। इनके पिता एक सरकारी इंटर कॉलेज में शिक्षक थे। इन्‍होंने योग, वेद, ज्योतिष में एम.ए. और दर्शन/वेदों में पीएचडी की पढ़ाई की है।

साध्‍वी प्राची ने संघ परिवार से जुड़कर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महिला शाखा, राष्ट्रीय सेविका समिति में प्रशिक्षु और सदस्य के रूप में काम करते हुए, उन्हें मुख्य पहचान विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सदस्य के तौर पर मिली। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे उसकी आधिकारिक पदाधिकारी नहीं हैं।

वर्ष 1995 में उन्होंने भगवा वस्त्र धारण कर साध्वी जीवन अपनाया और इसके बाद धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गईं।

साध्वी प्राची ने भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव भी लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। वे मुख्य रूप से हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों, जैसे 'लव जिहाद' आदि पर अपने बयानों के लिए जानी जाती हैं, जिन पर अक्सर विवाद और आलोचना होती रही है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+