'भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी चुनाव हारी इसलिए योगी सरकार ने किया मुझे बर्खास्त'
मेरठ। सोमवार को योगी सरकार ने सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए मेरठ में तैनात अपर आयुक्त रणधीर सिंह दुहन को बर्खास्त कर दिया। इस बर्खास्तगी के खिलाफ रणधीर सिंह ने बीजेपी सरकार और उसके सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

अपर आयुक्त को किया बर्खास्त
दो दिन पहले जिस मेरठ के अपर आयुक्त रणधीर सिंह दुहन को शासन ने बर्खास्त किया था। उसी ने आज भाजपा के सांसद हुकुम सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये सब उनके इशारे पर ही हो रहा है। जब वो शामली में एडीएम वित्त के पद पर तैनात थे तभी उनकी बेटी ने चुनाव लड़ा था जो कि चुनाव हार गई थी लेकिन इस चुनाव का हार का सारा ठीकरा मेरे सिर पर मढ़ दिया जो कि एकदम गलत है। ये सारी कार्रवाई राजनीति के चलते हुई है क्योंकि जिस आधार कार्रवाई हुई है, वो मेरे बड़े अफसरों के कहने पर नियमानुसार काम हुआ लेकिन किसी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया बल्कि मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई।

भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत हुए बर्खास्त
गौरतलब है कि रणधीर सिंह दुहन 1991 बैच के है, फरवरी 2018 में सेवानिवृत होने वाले थे। दरअसल रणधीर सिंह 2012-2013 में शामली में अपर जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे। इस दौरान रणधीर सिंह ने शत्रु संपत्ति की 27 हेक्टेयर जमीन बिना अधिकार नीलाम कर दी थी । इस पर मामले में सहारनपुर के तत्कालीन कमिश्नर तनवीर जफर अली ने जांच कर सभी आरोपों को सही पाया था। इस बाद शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट और अन्य जांचो में आरोप सिद्ध होने की वजह से रणधीर सिंह दुहन को बर्खास्त किया गया है। आज पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शासन की इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट की शरण मे जायेंगे और कानून की मदद लेंगे। उन्होंने कहा कि केवल राजनीति के चलते उनके खिलाफ ये कार्रवाई हुई है।

भाजपा सांसद हुकुम सिंह पर लगाए आरोप
अपने सफाई देते हुए आज दुहन ने कहा कि सारी कार्रवाई डीएम, कमिश्नर और दूसरे अधिकारियों की सहमति से हुई लेकिन कैराना के भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने मेरे खिलाफ साजिश रची क्योकि इस जमीन पर हुकुम सिंह और उनके समर्थकों का कब्ज़ा था जो नीलामी के बाद ज़मीन कब्ज़ा मुक्त हुई। बर्खास्त अपर आयुक्त का कहना है कि हुकुम सिंह की बेटी ने कैराना से उप चुनाव लड़ा जो कि चुनाव हार गई और इस हार का कारण मुझे बताया जबकि ऐसा कुछ नहीं था।
उधर उनकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है मीडिया से रोते रोते कह रही थी मेरे पति ने ईमानदारी से नौकरी की है। आज मेरा परिवार सदमे में है और सहमा हुआ है, सरकार ने बिना इनका पक्ष जाने ये कार्रवाई की है।












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