Kanwar Order Row: BJP के फैसले से नाखुश NDA के अहम सहयोगी, 'नेमप्लेट' को लेकर भड़के जयंत चौधरी
Kanwar Yatra: केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी ने योगी सरकार के कांवड़ यात्रा पर लिए गए फैसले की आलोचना की है। रविवार, 21 जुलाई को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को धर्म और राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है क्योंकि कांवड़ ले जाने वाले या सेवादार की कोई पहचान नहीं होती।
जयंत चौधरी ने सवाल उठाया कि अगर सभी अपनी दुकानों पर नाम लिख रहे हैं, तो बर्गर किंग और मैकडॉनल्ड्स जैसे ब्रांड क्या लिखेंगे? उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय बिना पूरी तरह सोचे-समझे लिया है।

आरएलडी सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री, जयंत चौधरी ने कहा, ''यह बहुत सोचा-समझा और तर्कसंगत फैसला नहीं लगता। किसी भी फैसले से समुदाय की भलाई और समुदाय में सौहार्द की भावना को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। जो लोग कांवर यात्रा पर जाते हैं और जो लोग उनकी सेवा करते हैं, ये परंपरा शुरू से ही रही है और लोगों को पहचानने और उन्हें इंगित करने की बात किसी ने नहीं देखी विपक्ष कह रहा है, मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं..."
#WATCH | On 'nameplates' on food shops on the Kanwar route in UP, RLD MP & Union Minister Jayant Chaudhary says, "It doesn't appear to be well thought out and well-reasoned decision. Any decision shouldn't cause harm to the sense of well-being of the community and harmony in the… pic.twitter.com/ULYQdKy8de
— ANI (@ANI) July 21, 2024
सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
उन्होंने आगे कहा, "कहां-कहां नाम लिखें, क्या अब कुर्ते पर भी नाम लिखना शुरू कर दें ताकि यह तय हो सके कि हाथ मिलाना है या लगे लगाना है?" जयंत चौधरी का मानना है कि इस तरह के फैसले तर्कसंगत नहीं हैं और इससे केवल भ्रम पैदा होता है।
चौधरी ने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक आयोजन है और इसे राजनीतिक रंग देना अनुचित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के निर्णयों से समाज में विभाजन बढ़ सकता है और लोगों के बीच गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं।
धर्म और राजनीति का मिश्रण
जयंत चौधरी ने कहा कि धर्म और राजनीति को अलग रखना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे मुद्दों पर अधिक संवेदनशीलता और समझदारी से काम लेना चाहिए ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा करने वाले लोग किसी विशेष पहचान के साथ नहीं आते हैं, इसलिए उन्हें किसी विशेष पहचान देने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।












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