रामजस और JNU के बहाने नए नहीं हैं विपक्ष के लिए: जेटली
'दिल्ली का चुनाव था तो भी ये मुद्दा उठाया गया था, वहीं बिहार चुनाव में अवॉर्ड वापसी होने लगी तो अब फिर ये नए तरह से वही पुरानी रणनीति अपनाई जा रही है।'
वाराणसी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने वाराणसी दौरे पर सपा, बसपा और कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। यही नहीं जेटली ने कहा की महाराष्ट्र और उड़ीसा के चुनावों ने हमें यूपी में सरकार बनाने का इशारा कर दिया है। इसके आलावा जेटली ने GDP के मुद्दे पर बोलते हुए ये भी कहा की GDP के बहाने जो आरोप हमारे ऊपर लगाए जा रहे हैं वो निराधार हैं क्योंकि GDP का दायित्व केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (CSO) के रास्ते होता है और CSO सरकार से दूरी बनाकर काम करता है। जेटली ने एलपीजी के बढ़े हुए दाम के मुद्दे पर भी विरोधियों को जवाब दिया। जेटली ने कहा कि एक साल में 12 सिलेंडर गरीबों के लिए सरकार देती है लेकिन जो लोग संपन्न हैं वो इससे ज्यादा उपभोग करते हैं।

रामजस कॉलेज और जेएनयू की बात करते हुए अरुण जेटली ने साफ कहा कि ये कोई नया मामला नहीं है। दिल्ली का चुनाव था तो भी ये मुद्दा उठाया गया था, वहीं बिहार चुनाव में अवॉर्ड वापसी होने लगी तो अब फिर ये नए तरह से वही पुरानी रणनीति अपनाई जा रही है।
राष्ट्रवाद को जानबूझकर बनाया जा रहा है मुद्दा
अरुण जेटली ने जेएनयू और रामजस में उठे बवाल के बाद कांग्रेस और बाकी विपक्ष पर धावा बोलते हुए कहा की 'ये कोई तूल देने की बात नहीं है। दिल्ली के चुनाव से लेकर बिहार के चुनाव तक विपक्ष ने ऐसे ही राजनीति करने की कोशिश की थी। जो भारत के सबसे बड़े प्रदेश यूपी में इन दिनों चल रहा है। चुनाव है तो ये लोग कैसे चुप बैठ सकते है? जहां तक राष्ट्रवाद की बात है तो हम भी चुप बैठने वाले नहीं हैं।
'अमीरों के लिए नहीं बहा सकते आंसू'
दरअसल, उत्तर प्रदेश के चुनाव के बीच ही बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का दाम करीब 86 रुपए बढ़ गया है। जिस पर विरोधियों का हमला तेज होने से विवाद बढ़ता जा रहा है। जेटली ने कहा कि सरकार ने पहले ही गरीबों का ख्याल रखते हुए एक साल के अंदर 12 सिलेंडर दिए, इससे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले लोग इसे खरीदने में सक्षम हैं और हम अमीरों के लिए आंसू नहीं बहा सकते।
'अपराधियों की पार्टी है सपा और बसपा'
जेटली ने सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा की इन दोनों क्षेत्रीय पार्टियों ने अब तक उत्तर प्रदेश की जनता को बहुत मुर्ख बनाया है और इन दोनों ने अपने-अपने राजनीतिक लाभ के लिए जनता को जातीय आधार पर फिर एक बार बांटना शुरू कर दिया है। जिससे बाकि लोगों को न्याय नहीं मिल पाया। यही नहीं समाजवादी पार्टी ने दिखाने के लिए पार्टी से आपराधिक छवि के लोगों को पहले तो अलग किया और फिर बाद में गले लगा लिया। बहुजन समाज पार्टी तो सपा से भी ऊपर निकली। लेकिन अब इन अपराधियों को टिकट देने से लाभ नहीं मिलने वाला है। जनता के अंदर आक्रोश पनप रहा है और चुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में आ रहे हैं।












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