Ram Navami 2026 in Ayodhya: अयोध्या में राम नवमी की धूम, कितने बजे होगा सूर्य तिलक?

Ram Navami 2026 in Ayodhya: राम नवमी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इसी दिन दोपहर 12 बजे भगवान राम का जन्म हुआ था। अयोध्या में राम नवमी का उत्सव बहुत ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है, पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सजी हुई है।

भगवान श्री राम के भक्तों के लिए सुबह 5:00 बजे राम मंदिर का पट खोल दिया गया है, दर्शन रात 12 बजे तक चलेंगे। सूर्य तिलक दोपहर 12 बजे होगा , जिसके तहत लगभग 4 मिनट तक भगवान के माथे पर सूर्य की किरणें रहेंगी।

Ram Navami 2026 in Ayodhya

Surya Tilak in Ayodhya: क्या होता है सूर्य तिलक?

सूर्य तिलक एक विशेष खगोलीय और धार्मिक घटना है, इसमें सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम की मूर्ति के माथे (मस्तक) पर पड़ती हैं, ऐसा लगता है जैसे सूर्य देव स्वयं भगवान राम को तिलक कर रहे हों। मंदिर की संरचना और दिशा इस तरह बनाई गई है कि एक निश्चित समय पर सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में प्रवेश करती हैं और भगवान राम की प्रतिमा के माथे पर केंद्रित हो जाती हैं।

घर बैठें करें सूर्य तिलक

दूरदर्शन सूर्यतिलक का सीधा प्रसारण करेगा, जिससे अयोध्या न पहुंच पाने वाले श्रद्धालु घर बैठे श्रीराम का जन्मोत्सव देख सकेंगे। तिलक चार मिनट का होगा।

Ayodhya Aart: रामलला की आरती

  • आरती कीजै श्री राम लला की ||
  • आरती कीजै श्री राम लला की,
  • दशरथ नंदन पूर्ण कला की।
  • आरती कीजै श्री राम लला की।
  • नारायण नर बनकर आए, रघुकुल नंदन राम कहाए।
  • कौशल्या सुत राजीव लोचन, दशरथ सुत हरि भव भय मोचन।
  • आरती कीजै श्री राम लला की।
  • रावण वध कर अवध को आए, सियासन सिंहासन को सजाए।
  • राम राज त्रिभुवन में लाए,
  • आरती कीजै श्री राम लला की।
  • जय जय मर्यादा अवतारी, जय जय धनुष बाण के धारी।
  • जय सीतापति, जय असुरा, जय रघुनायक अवध बिहारी।
  • आरती कीजै श्री राम लला की।
  • सो भवसागर से तर जावे, राम नाम जो निशदिन गावे।
  • राम नाम अंधकार मिटावे, हृदय में ज्ञान की ज्योत जगावे।
  • आरती कीजै श्री राम लला की।
  • दशरथ नंदन पूर्ण कला की,
  • आरती कीजै श्री राम लला की।
  • जय सिया राम, जय सिया राम, जय जय सिया राम।

Ayodhya mai Ram Navami 2026: अयोध्या नगरी को सप्तपुरी कहते हैं

आपको बता दें कि सरयू नदी के किनारे बसी अयोध्या नगरी को सप्तपुरी कहा जाता है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में अयोध्या का विस्तार से वर्णन मिलता है। यहीं से भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास मिला, इसके बाद राम अयोध्या लौटे और राजा बने, यहीं राम का बचपन बीता था इसलिए यहां पर राम बाल रूप में ही विराजमान हैं।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।

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