मौत से 52 घंटे पहले राजीव गांधी ने हाथ जोड़कर किससे मांगी थी माफी?
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 27वीं पुण्यतिथि है। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। 21 मई 1991 को राजीव गांधी समय से पहले ही दुनिया छोड़ कर चल दिए थे।
इलाहाबाद। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 27वीं पुण्यतिथि है। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। 21 मई 1991 को राजीव गांधी समय से पहले ही दुनिया छोड़ कर चल दिए थे। चुनाव प्रचार के दौरान श्रीपेंरबदूर में एक धमाके में देशवासियों ने अपना प्रधानमंत्री खो दिया था।

राजीव गांधी अपनी मौत से लगभग 52 घंटे पहले इलाहाबाद आए हुए थे। यहां उन्होंने दो चुनावी जनसभा को संबोधित किया था और भरवारी में तीसरी जनसभा को संबोधित करने गए थे। इस जनसभा में राजीव गांधी ने लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी थी। इलाहाबाद से जाने के बाद 21 मई को उनकी हत्या कर दी गई थी। इलाहाबाद की वह आखिरी जनसभा तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी रामनिहोर राकेश व अन्य प्रत्याशियों के लिये हुई थी। उस आखिरी जनसभा को याद कर पुराने कांग्रेसी व तीन बार सांसद रह चुके रामनिहोर राकेश कुछ यादें साझा करते हैं।
वह बताते हैं कि राजीव गांधी की सादगी, मिलनसारिता को भुला नहीं सके हैं। वह कार्यकर्ताओं से ऐसे घुल मिल जाते थे कि कार्यकर्ता अपना दु:ख दर्द भूल जाता था। इसलिये राजीव गांधी युवाओं के दिलों में राज करते थे।
18 मई 1991 को राजीव गांधी की चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया था। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह चुनावी जनसभा होनी थी। इलाहाबाद की जनसभा में भारी भीड़ के बीच बोलते हुए राजीव गांधी ने जमकर जोश भरा था। लेकिन इलाहाबाद व जायल की जनसभा को संबोधित करने के बाद जब वह भरवारी लोकसभा सीट के लिए आयोजित जनसभा को संबोधित करने पहुंचे तो बहुत विलंब हो गया था। निर्धारित समय से भी लगभग 1 घंटे देरी से राजीव गांधी जनसभा स्थल पहुंचे थे ।
जनसभा स्थल पर पहुंचने के बाद चारों तरफ राजीव गांधी जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे। लेकिन, जैसे ही राजीव गांधी मंच पर पहुंचे उन्होंने हाथ जोड़कर सबके सामने देरी से आने के लिए माफी मांगने शुरू की और माफी मांगने के बाद ही जब जनता ने उन्हें माफ करने का जवाब हां में दिया। तब उन्होंने बोलना शुरू किया था । यहां से जाने के बाद 21 मई 1991 को वह तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में लिंट्टे आतंकियों का निशाना बन गये।
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