मोदी के गढ़ में आखिर क्यों रोड शो नहीं कर पाए अखिलेश और राहुल
राहुल और अखिलेश को वाराणसी में रोड शो करने की नहीं मिली इजाजत, दोनों ही नेताओं को दूसरी बार रोड शो करने की नहीं मिली इजाजत
पीलीभीत। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीलीभी के अमरिया में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार बनने पर हम तमाम किसानों की समस्याओं को खत्म करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति को बदलने के लिए हमारी मदद कर देना, उत्तर प्रदेश का चुनाव देश की राजनीति की दिशा को तय करेगा।

कांग्रेस ने दिया लोगों की मुश्किल का हवाला
हालांकि कांग्रेस का इस मामले में कहना है कि स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए इस रोड शो को रद्द किया गया है। पार्टी ने रविदास जयंती और वार्षिक पर्व को का हवाला दिया जिसमें बड़ी संख्या में लोग वाराणसी में जमा होते हैं, लिहाजा रोड शो करने के चलते लोगों की खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता इसी के चलते इस रोड शो को रद्द करने का फैसला लिया गया है

कांग्रेस ने दिया लोगों की मुश्किल का हवाला
हालांकि कांग्रेस का इस मामले में कहना है कि स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए इस रोड शो को रद्द किया गया है। पार्टी ने रविदास जयंती और वार्षिक पर्व को का हवाला दिया जिसमें बड़ी संख्या में लोग वाराणसी में जमा होते हैं, लिहाजा रोड शो करने के चलते लोगों की खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता इसी के चलते इस रोड शो को रद्द करने का फैसला लिया गया है

पश्चिमी यूपी में व्यस्त अखिलेश
लेकिन एक तरफ जहां कांग्रेस लोगों की असुविधा का हवाला देते हुए रोड शो को रद्द करने की बात कर रही है लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि अखिलेश यादव की पहले से ही इस दिन बरेली, रामपुर और पश्चिमी यूपी में तमाम रैलियां निर्धारित हैं। इसके साथ ही सपा पश्चिमी यूपी में अपनी पूरी ताकत झोंकना चाहती है, इसी के चलते अखिलेश यादव यहां अधिक से अधिक रैलियां करने पर जोर दे रहे हैं।

वाराणसी बनेगा सियासी अखाड़ा
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो किया था, उनके अलावा राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने भी रोड शो किया था और उस वक्त बड़ी संख्या में सभी नेता भीड़ जुटाने में सफल हुए थे। हालांकि अभी यह देखना दिलचस्प होगा कि पहले दो चरणों में पश्चिमी यूपी में मतदान के बाद तमाम राजनीतिक दल यहां किस तरह से अपना चुनाव प्रचार करते हैं। पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के लिहाज से वाराणसी आगामी चरणों में सियासी गढ़ बनेगा और तमाम दलों के निशाने पर पीएम मोदी होंगे।












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