राजा भैया के 'जनसत्ता' लॉन्च में उमड़ा जनसैलाब, चिड़िया की कहानी सुनाकर कही बड़ी बात

लखनऊ। 6 बार के निर्दलीय नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने जनसत्ता पार्टी लॉन्च कर दी है। राजा भैया के मुताबिक जाति के आधार पर मुआवजा की रीति बंद होनी चाहिए। यूपी की राजधानी लखनऊ के रमाबाई मैदान में आयोजित रैली में जनसैलाब उमड़ पड़ा। राजनीतिक करियर के 25 साल पूरे होने के मौके पर हो रही इस रैली में किसानों की समस्याएं उठाते हुए उन्‍होंने कहा कि समय से बिजली, पानी और खाद जैसी मामूली समस्याओं पर जनसत्ता पार्टी ध्यान देगी। हमारी पार्टी किसानों की पार्टी है। किसानों के खरीदे गए अनाज का दाम एक सप्ताह के अंदर दिया जाएगा।

raghu pratap singh raja bhaiya new party launch at lucknow

हमारी पार्टी देश की सीमा पर शहीद होने वाले जवानों के परिजनों को एक करोड़ रुपए राहत राशि देगी। इतना ही नहीं सरकारें जाति देखकर मुआवजा दे रही हैं, हमारी पार्टी ऐसा नही करेगी। राजा भैया ने कहा कि आज अगर मुआवजा दिया जा रहा है तो वो जाति देखकर किया जा रहा है। हम समानता का अधिकार चाहते हैं, यह हमारा मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कहते हैं कि दलित या अन्य किसी को मिल रही सुविधाएं एक बराबर हों। समानता की मांग करना कोई अपराध नहीं होता है। 1989 में राजीव गांधी के द्वारा एससी/एसटी एक्ट बनाया गया। तब से आज तक उसको दिन प्रतिदिन जटिल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के अगर सभी राजनीतिक दल किसी बात पर एकमत हुए हैं तो वह है एससी/एसटी एक्ट। सबने मुकदमा दर्ज होते ही 6 महीने के लिए जेल भेजे जाने के कानून को पास किया।

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4 लाख मतदाता हैं जिनमें से मात्र 12 हजार क्षत्रिय हैं। सभी वर्ग के लोगों से मुझे स्नेह मिलता है। सभी राजनीतिक दल समाज में फूट डालने के उद्देश्य से एससी/एसटी एक्ट को जटिल बनाते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो आरक्षण का लाभ पा चुके हैं उन्हें आरक्षण के दायरे से हटाया जाना चाहिए। साथ ही आम दलित और गरीब लोगों को इसका लाभ दिया जाना चाहिए।

राजा भैया ने कहानी सुनाकर दिया उदाहरण

राजा भैया ने एक चिड़िया की कहानी सुनाकर कहा, जंगल में लगी आग को जब एक चिड़िया चोंच में पानी लाकर बुझाने में लगी, तो उससे सवाल हुआ कि ये क्या? इससे आग बुझेगी क्या? चिड़िया ने जवाब दिया कि मुझे पता है कि मुझ छोटी के प्रयास से यह आग भले न बुझे पर 'जब इतिहास लिखा जाएगा तो में मेरा नाम, आग लगाने वालों में नहीं आग बुझाने वालों में लिखा जाएगा।'

उन्होंने कहा कि समाज में असमानता फैलाने वालों को अंदाजा भी नहीं होगा कि इतनी बड़ी रैली का आयोजन होगा। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक दिन रमाबाई आम्बेडकर मैदान में सामजिक विद्वेष और असमानता के खिलाफ आप सब खड़े हो जाएंगे और इतनी विशाल, इतनी बड़ी जनसत्ता रैली हो जायेगी। इतनी बड़ी रैली इतनी विशाल, अपार भीड़, जनता जनार्दन के इतने बड़े जमावाड़े की उम्मीद तो खुद मुझे भी नहीं थी और न ही अन्य राजनैतिक पार्टियों को थी।

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