कई दिनों से धरने पर बैठे किसान की मौत, मौके पर मौजूद सैकड़ों पुलिसवाले
रायबरेली। योगी सरकार द्वारा किसानों को प्राथमिकता दिए जाने के बाद भी किसानों का कोई पुरसाहाल हाल नहीं है। जिलों में बैठे अधिकारी किसानों की समस्याओं से कोई ताल्लुक नहीं रखते। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रशासनिक उदासीनता के चलते धरने पर बैठे किसान नेता की मौत हो गई ,नेता की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में धरना स्थल से बैनर पोस्टर हटा दिए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

रायबरेली कलेक्ट्रेट बदल दी गई पुलिस छावनी में
छावनी में बदला यह कलेक्ट्रेट परिसर अपनी उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। बीते कई दिनों से किसान अमृत लाल सविता जिलाधिकारी ऑफिस के सामने धरना दे रहा था। बीती रात अम्रत लाल सविता कलेक्ट्रेट से जिला अस्पताल मृत अवस्था मे पहुँचे तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि मृतक अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठा था, जिसमें से में से कुछ मांगो का निस्तारण हो गया था और कुछ के लिए ।एसडीएम डलमऊ की मृतक अम्रत लाल सविता की वार्ता चल रही थी लेकिन इसी बीच इनकी कल रात में मौत हो गयी ।और सव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।












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