यूपी: इस शहर पहुंचे योगी आदित्यनाथ का छात्र नेताओं ने किया जोरदार विरोध, वकीलों ने की ये मांग
आगरा। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज आगरा के अंबेडकर विश्विद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करने गए। जहां सीएम योगी का एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा के नेताओं ने सीएम के काफिले के सामने आकर जमकर नारेबाजी की। साथ ही सीएम योगी का आगरा आवगमन का विरोध किया। इस दौरान छात्र नेता बीच सड़क पर आ गए और सीएम के काफिले के सामने जमकर हंगामा काटा। हालाकिं मौके पर पुलिस भी मौजूद थी लेकिन छात्र नेता खाकी के डर से भी पीछे नहीं हट रहे थे। पुलिस की कड़ी मश्क्कत के बाद छात्रनेताओं खदेड़ा जा सका। आपको बता दें कि छात्र नेताओं का ये विरोध विश्वविद्यालय को भगवाकरण में तब्दील करने को लेकर है। छात्र नेताओं का आरोप है कि आगरा अंबेडकर यूनिवर्सिटी शिक्षा का मंदिर है वह किसी राजनीति पार्टी की जागीर नहीं है।

योगी आदित्यनाथ के आगरा आने के साथ ही इस मौके पर वकीलों ने एक बार फिर मांग उठाई है कि ताजनगरी में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित की जाए। उनका कहना है कि खंडपीठ आगरा का हक है, यह मिलनी ही चाहिए। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाएं।
यह है जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट
1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने वेस्ट यूपी में खंडपीठ की जरूरत महसूस की। उनकी संस्तुति पर जसवंत सिंह आयोग का गठन किया गया। आयोग ने पश्चिमी यूपी के 25-30 जिलों में जाकर तमाम पहलुओं पर गौर किया। तमाम बुद्धिजीवियों से बात की। इसके बाद आगरा को सर्वाधिक उपयुक्त मानते हुए यहां बेंच की स्थापना की संस्तुति की।
वकीलों पर हो चुका है लाठीचार्ज
खंडपीठ क लिए आगरा के वकील पुलिस का लाठीचार्ज तक झेल चुके हैं। घटना 17 साल पहले 26 सितंबर, 2001 को हुई थी। पुलिस और पीएसी ने दीवानी परिसर में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज किया था। इसकी जांच के लिए कमेटी बनी। कमेटी ने दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दी लेकिन उन पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई है।
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