यूपी: खुले में शौच करने गई दो सगी बहनों की तलाब में डूबने से हुई मौत, कुछ वक्त पहले ही शहर हुआ था शौचमुक्त

इलाहाबाद। पिछले महीने यानी 29 अगस्त को क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया ने इलाहाबाद को ओडीएफ घोषित किया था। इस उपलब्धि पर इलाहाबाद में प्रशासनिक अफसरों ने जश्न भी मनाया था और सरकार ने भी इस की खूब सराहना की थी। लेकिन 1 महीने के अंदर ही एक बड़े हादसे ने ओडीएफ घोषणा की सत्यता पर ही सवाल उठा दिए हैं। दरअसल खुले में शौच के लिए तालाब की ओर गई दो बच्चियों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। उनकी लाश तालाब में तैरती हुई देखी गई तो दोनों का शव बाहर निकाला गया। मामला इलाहाबाद के मऊआइमा थाना क्षेत्र अंतर्गत तेजपुर गांव का है। तालाब में डूबकर अपनी जान गंवाने वाली दोनों बच्चियां आपस में सगी बहन हैं और सुबह शौच के लिए तालाब की ओर गई थी।

यूपी: शौच मुक्त घोषित होते ही तलाब में डूबने से दो बच्चियों की मौत, खुले में शौच करने गई थीं बच्चियां

क्या है मामला
इलाहाबाद के मऊआइमा इलाके में तेजपुर गांव पड़ता है। इस गांव के रहने वाले अशोक कुमार की दो बेटियां आज सुबह शौच के लिए तालाब की ओर गई थी। काफी देर बाद भी जब बच्चियां घर वापस नहीं लौटी तो उनकी तलाश शुरू हुई। तालाब के पास जब परिजन पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। तालाब में दोनों बच्चियों का शव पानी में उतर आया हुआ था। आनन-फानन में परिजन तालाब में कूदे और दोनों बच्चियों के शव को बाहर निकाला गया। हालांकि तब दोनों की सांसें थम चुकी थी । सूचना पर पुलिस पहुंची तो दोनों बच्चियों का शव पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना की जानकारी देते हुए मऊआइमा पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया बच्चियों के तालाब में डूब जाने से मौत होने की बात सामने आई है । बच्चियां सुबह शौच के लिए तालाब की ओर गई थी। दोनों बच्चियों का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनकी मौत कैसे हुई है या पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगा।

घर में नहीं है शौचालय
घटना के बाबत ग्रामीणों ने बताया कि मृतक बच्चियों के घर पर शौचालय नहीं था। जिसके कारण ही वह शौच के लिए तालाब की ओर जाया करती थीं। फिलहाल हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। याद दिला दें कि इलाहाबाद को ओडीएफ बनाने के लिए पिछले साल से ही प्रयास अपने चरम पर था और जमीनी स्तर पर काफी काम भी देखने को मिला था। खुद सीएम योगी इसके लिए इलाहाबाद आए हुए थे। कई कार्यक्रम आयोजित हुए और शहर को ओडीएफ बनाने की जोरदार मुहिम भी चलाई गई। शहर से लेकर गांव गांव तक शौचालय बनवाए गए। लेकिन, इस घटना ने ओडीएफ घोषित किए जाने की मंशा पर सवाल उठा दिए हैं। मामले की जानकारी प्रशासनिक अफसरों को दे दी गई है। याद दिला दें कि काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम 24 और 25 अगस्त को इलाहाबाद आई हुई थी और यहां स्थलीय निरीक्षण के बाद इलाहाबाद को ओडीएफ घोषित किया गया था।

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