पाकिस्तान जाने पर बढ़ी नवजोत की मुश्किलें, वाराणसी और कानपुर में दर्ज हुए मुकदमे
वाराणसी/कानपुर। पाकिस्तान से लौटकर आने के बाद क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। बीते दिनों पाकिस्तान के नए सुल्तान इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह नवजोत सिंह सिद्धू का जाना और वहां जनरल बाजवा के गले लोगों को इतना नागवार लगा कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह बादल सहित तमाम राजनैतिक दलों ने जमकर उनकी भर्त्सना की। वहीं इस पूरे मामले पर अब नवजोत के खिलाफ वाराणसी और कानपुर में मामला दर्ज किया गया है। याचिका दाखिल करने वालों के कहना है कि सिद्धू ने पाकिस्तान के जनरल बाजवा से गले मिल कर यह साबित कर दिया कि वह देश विरोधी नीतियों में लिप्त हैं और उन्हें इस बात का ख्याल नहीं कि सीमा पर लगातार पाकिस्तान भारतीय सैनिकों के साथ कैसा व्यवहार करती आ रही है। इन सभी हालातों को दरकिनार कर नवजोत सिंह सिद्धू ने जनरल बाजवा के गले लगा जो भारतीय कानून के खिलाफ है।

23 अगस्त को होगी सुनवाई
वहीं इस पूरे मामले पर वाराणसी में आज परिवाद दाखिल होने के बाद अधिवक्ता कमलेश चन्द्र त्रिपाठी ने अपने हलफनामे में लिखा है कि भारतीय क्रिकेटर नवजोत कभी टीम इंडिया के लिए खेलते थे और आज वो पाकिस्तान में जाकर वहां जनरल बाजवा को गले लगा झप्पी दे रहे है । जो देश के प्रबल शत्रु के गले मिलकर पाकिस्तानी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने व भारतीय सैनिकों का मनोबल तोड़ते हुए देश को राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय स्तर पर शर्मसार करने का राष्ट्रविरोधी व देशद्रोही कृत्य है। यही नहीं उन्होंने अखबारों की कटिंग और कुछ दस्तावेज भी मीडिया को दिखाया वहीं अपने शिकायत पत्र में उन्होंने लिखा है कि उन्हें नवजोत की कारस्तानियां टीवी चैनलों और सोशल मीडिया से भी मिली हैं। ऐसे में नवजोत सिंह सिंद्धु के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा-121(A),124(A),511 (राजद्रोह व राजद्रोह का दुष्प्रेरण) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। जिसके लिए ए .सी.जे.एम.नवम वाराणसी के न्यायालय ने 23 अगस्त को सुनवाई तिथि मुकर्रर की है।












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